लखनऊ- आगरा एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण में बड़े पैमाने पर खेल हुआ है। तमाम किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। वे मुआवजे के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। मुूख्यमंत्री की ओर से जांच के आदेश दिए जाने के बाद किसानों में मुआवजा मिलने की उम्मीद जगी है। जिले के 7789 किसानों की 667 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित हुई है। शनिवार को बांगरमऊ तहसील क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने क्षेत्रीय भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर से मिलकर अपनी समस्या बताई।
मानक के अनुरूप नहीं मिला मुआवजा
नसिरापुर गांव के राजेंद्र कुमार अपनी आठ बीघा जमीन का मुआवजा पाने के लिए भटक रहे हैं। राजेंद्र ने बताया कि उनकी व उनके भाईयों की भूमि गाटा संख्या 137 का यूपीडा ने अधिग्रहण किया था। उन्नाव-हरदोई मार्ग से लगी नगरीय क्षेत्र की इस कीमती जमीन का खेतिहर भूमि के अनुसार 16 लाख रुपये प्रति बीघा के अनुसार मुआवजा दिया गया, जबकि नियमानुसार करीब 25 लाख रुपये प्रति बीघा मुआवजा बनता है।
रजिस्ट्री के एक साल बाद भी नहीं मिला मुआवजा
भगवंतपुर गांव के अरविंद, रामलाल, मनोहर, मूलचंद्र की सात बिसुआ जमीन का अधिग्रहण कर यूपीडा ने 27 अप्रैल 2016 को जमीन की रजिस्ट्री कराई। इसी जमीन से उन्नाव-हरदोई रोड के लिए कट दिया गया है। सड़क बन गई है और सर्विस रोड बनाने का काम चल रहा है लेकिन मुआवजा अब तक नहीं मिला।
कोर्ट तक पहुंची मुआवजे की लड़ाई
कबीपुर के रहने वाले सेवानिवृत्त एडीओ कृषि श्रीपाल सिंह ने बताया कि जिस जमीन पर हवाई पट्टी बनी है। गांव के दर्जनों किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। उन्हें जमीन का मुआवजा 10 लाख रुपये प्रति बीघा तय किया गया। इसके बाद कई किसानों ने कोर्ट की शरण ली। मामला फंसते देख यूपीडा सीईओ नवनीत सहगल ने एक पत्र जारी किया, जिसमें कहा गया कि किसानों से आपसी सहमति के आधार पर किसानों को 15 लाख रुपया बीघा की दर से मुआवजा दिया गया है। श्रीपाल ने बताया कि मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है।
विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने बताया कि भाजपा सरकार किसानों के हक के लिए हर जरूरी जांच और कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने किसानों को न्याय दिलाने का फैसला लिया है। ताकत के बल पर जिन किसानों से उनकी जमीनें छीनीं गईं हैं। सत्ता के दबाव जिन किसानों के हक का दमन किया गया उन्हें उनका हक दिलाया जाएग। जिन लोगों ने सत्ता के बूते किसानों का उत्पीड़न किया और जिन अधिकारियों ने इसमें सहयोग किया उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
-एक्सप्रेस-वे की जिले में कुल लंबाई 63 किलोमीटर
-जिले के 50 गांवों के 7789 किसानों की 667 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण
-मुआवजा भुगतान के लिए यूपीडा ने 410.00 करोड़ रुपये दिए।