मालूम हो कि गंजमुरादाबाद के पास से ही 302 किलोमीटर लंबा लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे निकला है। एक्सप्रेस वे का निर्माण महज 23 माह में पूरा किया गया। उद्घाटन 21 नवंबर को हुआ था। उसी दिन इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया था लेकिन मार्ग पर जगह-जगह निर्माण कार्य चलने और मार्ग में नमी होने के कारण इस हाइवे पर बड़े व भार वाहनों के प्रवेश पर अवकान कंपनी द्वारा रोक लगा दी गई थी। इस समस्या का समाचारपत्रों में प्रकाशित होने के बाद कार्यदायी संस्था अवकान ने तीन दिन पूर्व इस रोक को हटाते हुए भारी वाहनों का प्रवेश आरंभ कर दिया था लेकिन गुरुवार दोपहर इसी एक्सप्रेस वे पर ग्राम रघुरामपुर के पास बारात में सम्मिलित होने के लिए दिल्ली जा रही इनोवा कार एक प्राइवेट बस से टकरा गई थी। इसमें इनोवा कार के चालक सहित दो लोगों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि इसी इनोवा कार में सवार चार अन्य भी गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हे पुलिस द्वारा बांगरमऊ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से ट्रामा सेंटर रेफ र कर दिया गया था। इसके अलावा प्राइवेट बस में सवार करीब एक दर्जन महिलाएं भी आंशिक रूप से घायल हो गई। पुलिस ने पंचनामा भरकर शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया था।
छोटे वाहनों का जारी रहेगा आवागमन
हादसे में दो लोगों की मौत हो जाने के बाद कार्यदायी संस्था अवकान के प्रशासनिक अधिकारियों ने पुन: गंजमुरादाबाद व बांगरमऊ की तरफ से आगरा और लखनऊ के लिए बड़े व भार वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। जोकि उच्चाधिकारियों के अग्रिम आदेश तक लगातार जारी रहेगी। ऐसी स्थिति में भारी वाहनों को इस लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे की सुविधाएं नसीब नहीं हो सकेंगी। यह सुविधा इन वाहनों को कब मिल सकेगी यह भविष्य के गर्भ में है। इस संदर्भ में कार्यदायी संस्था के मैनेजर वेंकट सुब्बइया ने बताया कि उच्चाधिकारियों के अग्रिम आदेश तक इस मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है लेकिन छोटे व चौपहिया वाहनों का आवागमन जारी रहेगा।