सफीपुर। विकासखंड के उनवां गांव के ग्रामीणों ने एक ही महिला के हाथ 20 साल गांव की कमान सौंपी। इसका सुखद परिणाम भी दिखा। गांव का हर मजरा पक्के मार्ग से जुड़ा है। नालियां लोहे के जाल से ढकी हैं।
उनवां ग्राम पंचायत में पांच मजरे हैं। इनमें उनवां, गढ़ी, कन्हईखेड़ा, अलाउद्दीनखेड़ा व सरजूखेड़ा शामिल हैं। कुल मतदाताओं में 53 प्रतिशत मुस्लिम व 47 प्रतिशत हिंदू हैं। वर्ष 1995 से 2015 तक (2010 को छोड़कर) यहां की सीट हमेशा सामान्य ही रही है। 2010 में सीट एससी वर्ग के लिए आरक्षित हुई थी। परवीन बेगम 20 साल प्रधान रहीं। गांव के सभी मजरों में पक्की सड़कें हैं। जलनिकासी के लिए नालियां हैं और रोड क्रास नालियों पर लोहे की जालीनुमा ढक्कन लगे हैं। जानवरों के पीने के लिए अलाउद्दीनखेड़ा में तालाब भी बनवाया। कन्हईखेड़ा, अलाउद्दीनखेड़ा में प्राथमिक व गढ़ी में जूनियर पाठशाला है। गांव में पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय भी है। (संवाद)