उन्नाव में जमीन के विवाद में बड़े ने छोटे भाई की हत्या कर दी। मृतक बड़े भाई से जमीन या फिर रुपये देने की काफी समय से मांग कर रहा था। हत्या के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
उन्नाव में जमीन के विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई पर ईंट से हमला कर दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। फतेहपुर चौरासी थाना इलाके के ओसियां गांव निवासी भारत उर्फ गोला (45) कानपुर स्थित एक दाल मिल में मजदूरी करता था। उसका बड़े भाई करन सिंह से जमीन के लिए पहले से ही विवाद चल रहा था।
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सोमवार दोपहर 12 बजे वह कानपुर से अपने गांव पहुंचा और बड़े भाई करन से कब्जे में ली गई अपने हिस्से की जमीन देने की मांग की। जमीन के विवाद में भाइयों में विवाद बढ़ गया।
मारपीट होते देख तीसरे नंबर के भाई राजकरन की पत्नी माधुरी और उसके बच्चों ने भारत को पकड़ लिया और मारपीट की।
जबकि चौथे नंबर के भाई अरविंद सिंह उर्फ नाटू की पत्नी राधा ने दोनों भाइयों में बीच-बचाव का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो सकी। गुस्से में बड़े भाई करन ने आंगन में पड़ी ईंट उठाकर छोटे भाई भारत के सिर पर कई वार कर घायल कर दिया। जिससे वह जमीन पर गिर गया, गिरने पर उसने चेहरे पर भी कई वार किए, इससे उसकी मौत हो गई।
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भाई की हत्या करने के बाद करन ने भागने की कोशिश की पर ग्रामीणों को आते देख वह घर के पास ही बैठ गया। घटना की सूचना पर फतेहपुर चौरासी एसओ राजेश पाठक पहुंचे और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सीओ ऋषिकांत शुक्ला ने कहा कि जमीन के विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या की है। हत्यारोपी गिरफ्तार है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
ओसिया निवासी स्व. प्रतिपाल सिंह बड़े बेटे करन सिंह और तीसरे नंबर के बेटे राजकरन सिंह उर्फ बबलू से अधिक चाहते थे। तीन साल पहले उन्होंने दस बीघा जमीन करन सिंह, भारत सिंह ,राजकरन सिंह, अरविंद सिंह, माधुरी पत्नी राजकरन सिंह, उत्तम सिंह अर्जुन सिंह पुत्रगण राजकरन सिंह के नाम कर दी। यही बटवारा विवाद का कारण बन गया।
बड़ा पुत्र करन सिंह (हत्यारोपी) और राजकरन सिंह इस बंटवारे से खुश थे। जबकि दूसरे नंबर का भारत सिंह और सबसे छोटा अरविंद सिंह जमीन का बराबर बंटवारा न होने से निर्णय को स्वीकार नहीं कर रहे थे। वह पूरी जमीन पर कब्जा किए बड़े भाई करन सिंह से लगातार भारत सिंह व अरविंद सिंह की जमीन देने का दबाव बना रहे थे।
दस दिन से अधिक गहराया था विवाद
भारत सिंह उर्फ गोला को दस दिन पहले बुखार आने पर वह कानपुर से अपने घर आया था। जमीन पर कब्जा किए बड़े भाई करन सिंह से इलाज के लिए रुपये मांगे थे। लेकिन उसने इंकार कर दिया था। इस पर वह घर में न रुककर पड़ोसी गांव अटवा मोहाल निवासी बहन आपा के घर चला गया था। पांच दिन बहन के पास रुकने के बाद हालत में सुधार देख कानपुर चला गया था। जमीन होने के बाद भी बेबसी को याद कर सोमवार को फिर भाई से जमीन वापस करने के लिए आया था। लेकिन उसे नहीं पता था कि भाई ही उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा।
पति से विवाद के बाद छोड़कर चली गई थी हत्यारोपी की पत्नी
हत्यारोपी करन सिंह का विवाह 25 साल पहले कानपुर में हुआ था। करन की अधिक शराब पीने की आदत और आए दिन मारपीट से परेशान होकर पत्नी मायके चली गई थी। उसके बाद से वह ससुराल ही नहीं आई। तीसरे नंबर के भाई राजकरन सिंह हैदराबाद में रहकर नौकरी करता है। उसकी पत्नी राधा और बच्चे गांव में ही रहती हैं। मृतक भारत सिंह की शादी नहीं हुई थी। इसलिए बटवारे के बाद भी पूरी जमीन पर करन ही काबिज थे। वह जो घर में रहते थे उनको तो खर्च दे देता था लेकिन भारत सिंह कानपुर में रहने और परिवार में कोई न होने से उसकी जमीन पर वह अधिक हक जताता था।