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इल्तिमा 12वीं व प्रीतेश 10वीं में जिला टॉपर

Tue, 30 May 2017 12:24 AM IST
उन्नाव
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सेंट ज्यूड्स के छात्रों में कुछ इस दिखी सफलता की खुशी। - फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव। साल भर मेहनत, लगन के साथ की पड़ाई का जब परिणाम आया तो होनहारों के चेहरे पर गजब की खुशी दिखाई दी। मेधावियों का रिजल्ट देखकर माता-पिता व शिक्षक भी खुशी से झूम उठे। अब यह होनहार और जोश से भर उठे हैं।

सर सैय्यद स्कूल की आईएससीई की छात्रा इल्तिमा हुस्बक खानम ने 97 फीसदी अंकों के साथ जिला टॉप किया। वहीं आईसीएससी में 95.2 फीसद अंक पाकर प्रीतेश श्रीवास्तव टॉपर बने। जिले में ओवरआल लड़कियों ने बाजी मारी। इनमें कोई आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहता है। तो काई इंजीनियर बनकर मजबूत निर्माणों को बनाने के जज्बे से भरा है।
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आईएससी 10वीं व आईएससीई 12वीं के सोमवार को रिजल्ट घोषित हुए। आईएससी में सेंट ज्यूड्स कालेज के प्रीतेंद्र श्रीवास्तव 95.2 फीसदी अंकों के साथ अव्वल रहे। दूसरे स्थान पर 94.2 फीसदी अंक हासिल कर आकांक्षा बाजपेई रहीं। सर सैय्यद स्कूल के जुबेन अहमद 93.8 फीसदी अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। जेएन शाह स्कूल की संजना सिंह 93.6 फीसदी अंकों के साथ चौथे स्थान पर कब्जा किया।

आईएससीई के घोषित रिजल्ट में सर सैय्यद स्कूल की इल्तिमा हुस्बक खानम ने 97 फीसदी अंकों के साथ जिला टॉपर बनीं। बेटी की सफलता से परिजनों के साथ ही स्कूल प्रबंधन खुशी से झूम उठा। दूसरे स्थान पर भी इसी स्कूल की होनहार छात्रा अदीबा हारून रहीं। जिन्होंने 95.5 फीसदी अंक लाकर परिजनों को मान बढ़ाया। तीसरे स्थान पर 95.2 फीसदी अंकों के साथ सेंट ज्यूड्स कालेज के हर्ष दुआ रहे। ओवरआल बेटियों ने बाजी मारकर साबित किया कि वह कहीं पीछे नहीं।

डाक्टर बन करेंगी गरीबों की मदद-इल्तिमा  
माता-पिता के हौसलों से बुलंदियों को छू रहीं इल्तिमा हुस्बक खानम भविष्य में डाक्टर बनना चाहती हैं। लाड़ली की उपलब्धि से मां जरीना खानम की आंखें खुशी से भर आईं। बोलीं जो बेटी ने करके दिखाया है। उसके बारे में सोचा तो था लेकिन मन में कभी-कभी असमंजस के हालात भी बनते थे। बेटी की मेहनत व शिक्षकों की लगन से विश्वास हकीकत में बदल गया। इल्तिमा ने बताया कि चार से पांच घंटे इमानदारी से पढ़ाई कर मंजिल हासिल की है। सफलता का श्रेय मां के साथ ही मामा अब्दुल कदीर खान को दिया है।

अदीबा को आरक्षण रहा झकझोर
मेहनत व लगन के बलबूते जिले में दूसरा स्थान हासिल करने वाली अदीबा हारून ने सफलता का राज इमानदारी से पढ़ाई करने के साथ ही समूह चर्चा को बताया है। सौम्य स्वभाव की होनहार के दिल में समाज सेवा का जज्बा भी पनप रहा है। इसके लिए उसने डाक्टर बनने का लक्ष्य बनाया है। वहीं देश में नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था खत्म करने की जरूरत बताई। सिकंदरपुर कर्ण ब्लाक के अनूपपुर जूनियर स्कूल में शिक्षक पिता मो. हारून के साथ ही मां निघत उस्मानी लाडली की सफलता से फूली नहीं समां रही हैं। उसने सफलता का श्रेय मामा शमसीर रसूल को दिया है।

हर्ष इंजीनियर बन करेंगे देश सेवा
सेंट ज्यूड्स कालेज के हर्ष दुषा ने 95.2 फीसदी अंकों के साथ जिले में तीसरा स्थान हासिल किया है। बेटी की उपलब्धि की खबर मिलते ही परिजन खुशी से झूम उठे। प्रिंसिपल कल्पना श्रीवास्तव ने छात्र को कालेज का हीरो करार देने के साथ पुरस्कृत कर हौसलाफजाई की है। मेधावी ने सफलता का राज रोजाना सात घंटे पढ़ाई को बताया है। भविष्य में इंजीनियर बनकर देश सेवा करना चाहते हैं।

इंजीनियर बन पिता के सपने पूरा करेंगे-प्रीतेश  
आईएससी परीक्षा में जिले के टॉपर रहे प्रीतेश श्रीवास्तव ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों को दिया है। हर दिन चार से पांच घंटे पढ़ाई कर टॉपर बने मेधावी ने छात्रों से अपील कि मेहनत व लगन से पढ़ाई कर कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। होनहार मैकेनिकल इंजीनियर बनना चाहते हैं। अपने माता पिता की सेवा करना उनका पहला ध्येय है। बेटे की सफलता से कृषि विभाग में कार्यरत पिता उमेश श्रीवास्तव व गृहिणी मां माला श्रीवास्तव खुशी से फूले नहीं समा रहीं।

परिवार का सहारा बनेंगे-जुवेन अहमद
आईएससी परीक्षा में दूसरे स्थान पर काबिज रहे जुवेद अहमद का सपना इंजीनियर बनने का है। बेटे की मेहनत से पिता जुनेद अहमद व माता शिबा सिरदौस काफी खुश हैं। मेधावी ने सफलता का राज स्कूल के अलावा घर पर रोजाना चार से पांच घंटे पढ़ाई को बताया। देश की राजनीतिक माहौल पर चिंता जताते हुए बोले कि राजनैतिक दल जातिवाद की राजनीति कर समाज का माहौल खराब कर रहे हैं। राजनीति दल की नहीं दिलों की होनी चाहिए। सफलता का श्रेय माता को देने के साथ ही अपना आदर्श राष्ट्रपति स्व. डा. एपीजे अब्दुल कलाम को बताया।
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डाक्टर बन करेंगी असहायों की मदद-संजना  
जिले में तीसरे स्थान पर जेएनशाह की छात्रा संजना सिंह ने कब्जा कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। मेधावी ने बताया कि उसे यह सफलता आठ घंटे की पढ़ाई से मिली है। भविष्य में डाक्टर बनकर पिता उमेश कुमार सिंह के सपने को पूरा करना है। संजना ने अपनी सफलता का श्रेय मां शशी सिंह को दिया। मेधावी ने बातचीत में बताया कि किताबों से लगातार चिपकने के बजाए समय सारिणी व नोटस बनाकर पढ़ाई करनी चाहिए। जो सफलता का रास्ता खोलती है।
 
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