सोनिक। सदर तहसील के गांव सोनिक में गंगा एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहण भूमि पर बने किसान की दो मंजिला इमारत को शनिवार को मौके पर पहुंची राजस्व टीम ने बुलडोजर से गिरा दिया। सोनिक निवासी मेवा लाल की शहजादपुर मार्ग के किनारे भूमि है। जिसका अधिग्रहण गंगा एक्सप्रेसवे में किया गया है। इसी भूमि पर मेवालाल का दो मंजिला घर बना है जो अधिग्रहण में गया था। शनिवार शाम को नायब तहसीलदार अमृतलाल राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो किसान ने बताया कि उसे इमारत का कम मुआवजा मिल रहा था। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में मुकदमा विचाराधीन है। जिसकी एक प्रति किसान ने नायब तहसीलदार को उपलब्ध कराई। मुकदमे में किसी प्रकार का स्टे नहीं होने पर नायब तहसीलदार ने उच्च अधिकारियों से वार्ता कर मौके पर पुलिस बुलवाई और इमारत को बुलडोजर से जमींदोज करा दिया। मौके पर लेखपाल संजय शुक्ला व दीपेंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे।
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सुनवाई की हाईकोर्ट में 17 जनवरी है अगली तारीख
किसान मेवालाल का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों द्वारा इमारत के मुआवजे का आंकलन कम किया गया था। जिस पर उन्होंने हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया था। जिसकी 17 जनवरी को अगली डेट लगी हुई है। नायब तहसीलदार को देख कुछ किसान मौके पर पहुंच गए और उन्होंने बताया कि बगल की भूमि 472 नंबर उनकी है। जो अधिग्रहण तो कर ली गई लेकिन उसका मुआवजा आज तक उनके खाते में नहीं पहुंचा। लेखपाल संजय शुक्ला ने बताया कि पैसा प्राधिकरण में भेज दिया गया है। उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।