फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unnao News: सीवीओ पर आरटीआई कार्यकर्ता की पहचान उजागर करने का आरोप

Fri, 30 May 2025 12:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्नाव। आवास विकास कालोनी निवासी राजेश सिंह चंदेल ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) पर आरटीआई (सूचना का अधिकार) के तहत मांगी गई जानकारी के लिए उसकी पहचान स्लाटर हाउस संचालकों के बीच उजागर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने डीएम को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच कराने और सीवीओ पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन

आवास विकास कालोनी स्थित एक होटल में पत्रकार वार्ता में राजेश सिंह चंदेल ने बताया कि जिले में संचालित स्लाटर हाउस संचालकों व पशुपालन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से गड़बड़ियां की जा रही हैं। नियमानुसार, प्रत्येक स्लाटर हाउस को प्रति मवेशी 45 रुपये (30 रुपये पोस्टमार्टम व 15 रुपये परीक्षण) का शुल्क बतौर लेवी प्रदेश सरकार को देना जरूरी है। इसके अलावा केंद्र सरकार को 1.25 रुपये प्रति मवेशी कस्टम शुल्क जाता है। स्लाटर हाउस संचालक कस्टम शुल्क तो इसलिए अदा कर देते हैं, क्योंकि इसके बिना मांस विदेश नहीं भेज सकते। लेकिन लेवी शुल्क सरकार को नहीं पहुंच पाता।
बताया कि वर्ष 2014 में उन्होंने हाईकोर्ट में 232 करोड़ के लेवी घोटाले को लेकर जनहित याचिका दाखिल की थी। 2022 में हाईकोर्ट के निर्देश पर स्लाटर हाउसों से 33 करोड़ की लेवी जमा की गई थी। इसमें जिले से कितनी लेवी जमा हुई थी, इसके साथ मार्च 2013 से 2025 तक कस्टम शुल्क और इसी समयावधि का लेवी शुल्क सहित चार बिंदुओं पर सात अप्रैल को सीवीओ से जनसूचना के तहत जानकारी मांगी थी। सीवीओ ने पांच मई को उनके द्वारा मांगी गई जनसूचना के बिंदुओं को स्लाटर हाउस संचालकों को पत्र भेजकर उनके नाम का उल्लेख करते हुए दो दिन में जानकारी देने के आदेश दिया गया।
विज्ञापन

राजेश का कहना है कि पहचान उजागर होने से उनका और परिवार का जीवन खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने सुरक्षा और सीवीओ पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं सीवीओ डॉ. महावीर सिंह ने बताया कि उन्हें इस बारे में मीडिया से कुछ नहीं कहना है। जब उच्चाधिकारी जवाब मांगेंगे तो वह उनके सामने अपना पक्ष रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें