कृष्लीला मैदान में आयोजित रासलीला में मंचन करते वृंदावन से आए कलाकार। संवाद
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बांगरमऊ। नानामऊ मार्ग स्थित कृष्णलीला मैदान में आयोजित नौ दिवसीय रासलीला महोत्सव के दूसरे दिन कलाकारों ने नारद मोह लीला का मंचन किया।
वृंदावन से आए पं. हीरालाल शर्मा रासलीला मंडल के कलाकारों ने दिखाया कि देवर्षि नारद कामदेव को भस्म कर देते हैं। इस पर नारद को घमंड आ जाता है। भगवान शंकर को नारद यह वृतांत सुनाते हैं। शंकर जी उन्हें इस पर चर्चा न करने के लिए कहते हैं। नारद मानते नहीं और भगवान विष्णु के पास पहुंच कर उन्हें भी सब बता देते हैं।
नारद जी का घमंड तोड़ने के लिए भगवान विष्णु के कहने पर माया विश्व मोहिनी रूप धारण कर श्रीनगर बसाती है और स्वयंवर का आयोजन होता है। स्वयंवर में जाने के लिए नारद भगवान विष्णु से उनका सुंदर स्वरूप मांगते हैं। भगवान उन्हें बंदर का रूप दे देेते हैं। स्वयंवर में मां लक्ष्मी भगवान विष्णु को जयमाल डालती हैं। बाद में नारद बंदर का रूप देख क्रोधित हो जाते हैं। समापन पर पहुंचे विधायक श्रीकांत कटियार व बंबालाल दिवाकर ने बाल कृष्ण की आरती उतारी।