युवती ने फोन कर बुलाया, तो उसे विश्वास में लेकर आरोपी ले गया आश्रम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 8 दिसंबर की शाम युवती ने रजोल सिंह को फोन कर हरदोई ओवरब्रिज पर बुलाया। कार से रजोल वहां पहुंचा और युवती को भरोसे में लेकर दिवंगत पिता के कब्बाखेड़ा स्थित आश्रम लेकर पहुंचा। यहां पहले से मौजूद दोस्त सूरज के साथ मिलकर पहले युवती के सिर में डंडों से वार किया। फिर गला दबाकर हत्या कर दी और वहां से चले गए। तडक़े लगभग 3 बजे दोनों आश्रम पहुंचे और शव को वहां से निकाल कर पीछे खाली प्लॉट में खुदे टैंक के गड्ढे में मिट्टी से दबा दिया। दूसरे दिन सुबह मजदूर बुलाकर पूरी तरह से उसे मिट्टी से पाट दिया। टैंक का गड्ढा लगभग 7 फीट गहरा था।
रिमांड पर भी पुलिस आरोपी से कुछ न उगलवा पाई थी
जेल भेजे गए पूर्व मंत्री के बेटे रजोल सिंह से पूछताछ के लिए सीओ सिटी कृपाशंकर ने उसे 8 घंटे की कस्टडी रिमांड पर लिया था लेकिन पूछताछ में आरोपी ने युवती से नजदीकी की बात तो स्वीकार की थी पर हत्या की बात से इंकार कर दिया था। कुछ ना मिलने पर पुलिस ने उसे फिर से जेल भेज दिया था।
हत्या से पर्दा उठने के बाद खोली आरोपी की हिस्ट्रीशीट
युवती के हत्यारोपी राजोल सिंह पर पूर्व में जानलेवा हमले मारपीट समेत तीन मामले दर्ज थे। जिसमें 2 में वह दोषमुक्त हो गया था। मारपीट का एक मामला अभी कोर्ट में चल रहा है। हत्या की बात सामने आने के बाद पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोली है।