सिंडिकेट बैंक के सहायक मैनेजर के साथ हुई लूट के बाद पकड़े गए दो लुटेरों की निशानदेही पर पुलिस ने लुटेरों के गैंग का पर्दाफाश किया है। लखनऊ के अलग-अलग थानाक्षेत्रों से पुलिस ने चार लुटेरों को उठाया और उनके पूछताछ की। इस दौरान लुटेरों ने हाईवे पर लूट की कई घटनाएं स्वीकारी हैं।
छह दिन पहले नवाबगंज टोल टैक्स के पास गार्ड ने सिंडीकेट बैंक की लखनऊ शाखा के मैनेजर राहुल पुत्र विजय सविता को कार सवार लुटेरों के चंगुल से छुड़ाया था। गार्डों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और लुटेरों में राहुल मिश्रा पुत्र ओमप्रकाश निवासी राजाजीपुरम थाना ठाकुरगंज व उसके साथी जावेद पुत्र स्व. मकसूद निवासी भूसामंडी लखनऊ को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने गैंग में आधा दर्जन से अधिक साथियों के गैंग में होेने की बात स्वीकारी थी।
अजगैन थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने लुटेरों की निशानदेही से लखनऊ टीम भेजकर दानिश (25) पुत्र ग्रिनलाइस निवासी मवइया थाना आलमबाग लखनऊ, अमित विलियम (20) पुत्र प्रो. विलियम निवासी मुंशी पुलिया इंद्रानगर थाना गाजीपुर लखनऊ, सूरज मैसी (30) पुत्र हनी मैसी निवासी हैदरगंज अमनविहार थाना ठाकुरगंज, सलीम मसीह (21) पुत्र फ्लिप मसीह निवासी विक्रमादित्य मार्ग क्रिस्चन कालोनी थाना गौतमपल्ली लखनऊ को गिरफ्तार किया है।
यह सभी कई सालों से लूट की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। चारों पर लखनऊ के चिनहट समेत अलग-अलग थानाक्षेत्र में कई मुकदमे दर्ज हैं। पकडे़ गए सभी शातिर अपराधी है। अजगैन थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों का मेडिकल करा जेल भेज दिया गया है।
महंगे शौक ने बनाया लुटेरा
पुलिसिया पूछताछ में दानिश ने बताया कि वह ग्रेजुएट है और इस समय एमबीए कर रहा है। वहीं दूसरा लुटेरे सूरज मैसी ने बताया कि वह इंटर का छात्र है। दोनों को महंगी बाइक व कपड़े पहनने का शौक है। इन दोनों की मुलाकात एक साल पहले अमित विलियम से हुई। शौक पूरा करने के लिए दोनों अमित विलियम के लूट गैंग से जुड़ गए। कई घटनाओं को अंजाम दिया। इस दौरान वह पकड़े भी गए, लेकिन सिफारिश ने उन्हें बाहर करा दिया।