सरकारी दवाओं के कूड़े में मिलने के मामले में सीएमओ ने चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। टीम में सीएमओ कार्यालय से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभारी के अलावा तहसीलदार हसनगंज, बीएसए व डीपीओ को शामिल किया गया है। अजगैन थानाक्षेत्र के जैतीपुर मार्ग पर ब्रेवरीज फैक्ट्री के पास मंगलवार को सरकारी दवाओं का जखीरा बरामद हुआ था। दवाओं में एल्बेंडाजाल के अलावा रैपिड जांच किट व दिमागी बुखार से बचाव के लिए लगने वाली वैक्सीन, अल्टेक चार सौ कफ सीरप व आयरन की दवाएं शामिल थीं। भारी मात्रा में दवाएं मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। जिले से गई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच 215 सीसी आयरन सीरप, 15,700 आयरन ब्लू टेबलेट की गोलियों के अलावा एलबेंडाजाल की तीस हजार टेबलेट बरामद की थी। इसके अलावा अन्य दवाएं भी शामिल थीं।
आंगनबाड़ी व स्कूल से भी फेंके जाने का अंदेशा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो जो दवाएं कूड़े के ढेर में मिली हैं वह बीआरसी पर भी भेजी जाती हैं। बच्चों के लिए संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत यह दवाएं वहां से स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों को जाती हैं। इससे यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है यह दवाएं किसी स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों से भी फेंकी जा सकती हैं।
क्या बोले सीएमओ
सीएमओ डा. चंद्रभूषणनाथ त्रिपाठी ने बताया कि विभागीय जांच तो मंगलवार को ही करा ली गई थी। डीएम के निर्देश पर जांच टीम का गठन किया गया। है। टीम जांच कर रिपोर्ट देगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दवा स्टोर प्रभारी सीएमएस डा. एसपी चौधरी का कहना है कि दवाओं का जब मिलान किया गया तो उसमें आयरन सीरप व एलबेंडाजॉल की गोलियां तो इसी जिले के लिए जारी की गई थीं जबकि आयरन टेबलेट ब्लू का कोड़ यहां का मिलान नहीं कर रहा है।