मोहन स्टील फैक्ट्री में जांच
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उन्नाव। मोहन स्टील फैक्ट्री में प्रवर्तन निदेशालय की जांच 35 घंटे बाद बुधवार सुबह पूरी हुई। 12 सदस्यीय टीम के लौटने पर फैक्ट्री प्रबंधन के अधिकारियाें व कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। सूत्रों की मानें तो टीम फैक्ट्री प्रबंधन के दस सालों के रिकार्ड को स्कैन कर पेन ड्राइव में ले गई। वहीं रिकार्ड रूम व कई अभिलेखों को सील किया है।
दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र स्थित मोहन स्टील फैक्ट्री में सोमवार शाम करीब छह बजे पांच सदस्यीय प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने फैक्ट्री को कब्जे में लिया था। जांच 35 घंटे चली। सघन जांच के बाद ईडी की टीम बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे लौट गई। जांच पड़ताल में फैक्ट्री मालिक मोहन कजारिया व बैंक फ्राड में फंसे विक्रम कोठारी के व्यापारिक रिश्तों में टीम के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं।
फैक्ट्री सूत्रों की मानें तो मंगलवार दोपहर दिल्ली से पहुंची दो सदस्यीय टीम ने फैक्ट्री निदेशक व प्रबंधक से आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। इस दौरान अधिकारियों की सहमति के बिना न तो कोई फैक्ट्री से बाहर जा सका, न ही प्रवेश कर सका। टीम में शामिल आईटी विशेषज्ञों ने फैक्ट्री की तीन लॉग बुक के अलावा कुछ अहम फाइलों के रिकार्ड स्कैन कर पेन ड्राइव में अपलोड कर वरिष्ठ अधिकारी के सुपुर्द की है।
इस दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्री प्रबंधन के बैंक खातों के लेनदेन को बारीकी से चेक किया। बैंक खातों के लेनदेन से जुड़े कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इसके अलावा रिकार्ड रूम को सील कर जिम्मेदारों को किसी तरह की छेड़छाड़ न करने की हिदायत दी गई। टीम के लौटने के बाद फैक्ट्री प्रबंधन व कर्मचारी कार्रवाई को लेकर सकते में नजर आए। फैक्ट्री कर्मचारी व सुरक्षा में मुस्तैद सुरक्षाकर्मी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।