उन्नाव। जानलेवा हमले के मुकदमे में दिल्ली से गिरफ्तार कर जेल भेजे गए किशोरी के चाचा को बुधवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। हालांकि अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते सुनवाई नहीं हुई। न्यायाधीश ने 12 दिन बाद अगली पेशी की तारीख तय की है।
माखी थाने में वर्ष 2000 में पंचायत चुनाव के दौरान विधायक कुलदीप सेंगर के छोटे भाई ने किशोरी के चाचा (विधायक पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली) पर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। 14 साल तक मुकदमे में वह फरार था। वह कोर्ट में पेश नहीं हुआ तो फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश मो. राशिद ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। 21 नवंबर को पुलिस ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था।
न्यायाधीश ने 5 दिसंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। बुधवार को पुलिस ने उसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश किया लेकिन अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण मुकदमे की सुनवाई नहीं हो सकी। न्यायाधीश ने अगली तारीख पेशी 17 दिसंबर तय करते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
ट्रेन में लूट के मुकदमे की सुनवाई 12 को
आरोपी व उसके साथियों पर वर्ष 1999 में ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों से लूटपाट करने का मुकदमा जीआरपी थाने में दर्ज है। इस मुकदमे में भी वह फरार है। इस मुकदमे की भी सुनवाई 12 दिसंबर को होगी।
- वकीलों की हड़ताल होने से नहीं हुई सुनवाई