पुलिस गिरफ्त में नकली शराब बनाने वाले आरोपी। संवाद
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उन्नाव। आबकारी व पुलिस टीम ने अवैध शराब फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। फैक्टरी का संचालन करने वाले देशी शराब ठेका के सेल्समैन समेत दो को गिरफ्तार किया गया है। भारी मात्रा में स्प्रिट, शराब, अलग-अलग ब्रांड के रैपर, ढक्कन व अन्य सामग्री बरामद की है। एसपी के अनुसार बरामद माल की कीमत 20 लाख है। चुनाव में खपाने के लिए नकली शराब बनाकर उसे डंप करने की चर्चा है।
रविवार रात आबकारी अधिकारी करुणेंद्र सिंह व सदर कोतवाल अखिलेश पांडेय को मंडी समिति के पास इब्राहिमबाग स्थित एक खाली गोदाम में मिलावटी शराब तैयार करने वाली अवैध फैक्टरी संचालित होने की जानकारी मिली। पुलिस व आबकारी टीम ने रात एक बजे गोदाम में छापा मारा। अवैध शराब बनाते हुए हसनगंज के नई सराय निवासी अमित जायसवाल व सीतापुर के सिधौली निवासी आनंद जायसवाल को गिरफ्तार किया। यहां 200 लीटर के 15 ड्रमों में 3040 लीटर स्प्रिट, 210 पेटी में 1890 लीटर अवैध शराब, नामी कंपनियों के रैपर, खाली शीशी, शराब बनाने व पैक करने के उपकरण, क्यूआर कोड, ढक्कन और एक कार बरामद की है। एसपी दिनेश त्रिपाठी ने पत्रकारों को बताया कि पकड़ा गया आनंद जायसवाल शेखपुर नरी स्थित देशी शराब ठेका का सेल्समैन है। वह अपने साथियों के साथ अवैध शराब कारोबार कर रहा था। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। सभी पर गैंगस्टर लगाया जाएगा। भागने की कोशिश में दोनों आरोपी छत से कूद गए, जिससे पैरों में गंभीर चोट आई है।
पकड़े गए आरोपियों में शेखपुर नरी स्थित देशी ठेका का सेल्समैन आनंद जायसवाल अवैध कारोबार का मास्टर माइंड है। नकली शराब की बिक्री उसने कहां की है, इसकी जानकारी जुटाने के लिए आनंद व उसके साथी अमित से पूछताछ की जा रही है। आबकारी अधिकारी ने बताया कि शेखपुर नरी के अलावा अन्य आसपास के ठेकों में मिलावटी शराब बिक्री किए जाने की आशंका पर चेकिंग की जा रही है।
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30 की लागत 40 मुनाफा
आबकारी अधिकारी करुणेंद्र सिंह ने बताया कि मिलावटी शराब का एक पौवा तैयार करने में अवैध कारोबारियों का 30 रुपये का खर्च आता है। इस पर 40 रुपये मुनाफा कमाते थे। वह पौवा को सरकारी रेट पर दोगुने से अधिक में बेचते हैं।