एंटी करप्शन टीम की गिरफ्त में आरोपी विनोद यादव (पीली टी-शर्ट व काले कोट में)। संवाद
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औरास/चकलवंशी। ब्लाक संसाधन केंद्र में शिक्षकों के वेतन बिल और एरियर का काम देख रहे सहचर (चतुर्थ श्रेणी कर्मी) को सहायक शिक्षक से पांच हजार रुपये घूस लेते हुए लखनऊ की भ्रष्टाचार निवारण संगठन इकाई ने रंगे हाथ दबोच लिया। वह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ का प्रांतीय मंत्री भी है।
गांव अदौरा जूनियर विद्यालय में बीघापुर ब्लॉक के गांव घाटमपुर खुर्द निवासी विनोद कुमार यादव सहचर है। कंप्यूटर का ज्ञान होने से वह कई साल से बीआरसी में वेतन बिल व चिकित्सीय अवकाश का काम देख रहा था। बुधवार सुबह 10 बजे बीआरसी में ‘हमारा आंगन हमारे बच्चे’ कार्यक्रम की तैयारी को लेकर चर्चा चल रही थी। तभी विसवल कंपोजिट स्कूल में तैनात सहायक शिक्षक फरहतउद्दीन एक अनजान व्यक्ति के साथ बीआरसी पहुंचे। उन्होंने सहचर विनोद से दो मिनट कार्यालय से बाहर आकर बात करने को कहा। बाहर निकलते ही चिकित्सीय अवकाश पास कराने के लिए सहायक शिक्षक ने पांच हजार रुपये दिए। रुपये हाथ में लेते ही शिक्षक के साथ रहे युवक ने एंटी करप्शन टीम का सदस्य होने की जानकारी दी और आई कार्ड दिखाते हुए उसे दबोच लिया।
विनोद ने शोर मचाया तो बीआरसी में मौजूद अन्य शिक्षक व कर्मचारी आ गए। मारपीट की नौबत बन गई, लेकिन तभी एंटी करप्शन टीम के चार और सदस्य पहुंचे और विनोद को गाड़ी में डालकर औरास थाने ले गए। थाने में भी शिक्षकों की भीड़ लगी तो टीम विनोद को थाने लेकर गई और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस को सौंप दिया।
खंड शिक्षाधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि फरहतउद्दीन ने 11 नवंबर से 27 नवंबर तक चिकित्सीय अवकाश के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। उस समय हसनगंज बीईओ औरास में चार्ज पर थे। उन्होंने मेडिकल प्रमाणपत्र न होने पर अवकाश स्वीकार नहीं किया। तब से वह लंबित था। लगातार अनुपस्थित रहने पर 17 दिसंबर को शिक्षक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। वह बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के चिकित्सीय अवकाश निरस्त कर बीआरसी कर्मचारियों पर दोबारा नियुक्ति कराने का दबाव बना रहे थे।