उन्नाव। फैक्टरी जाते समय एक सप्ताह पहले सड़क हादसे में घायल श्रमिक की शनिवार सुबह नर्सिंगहोम में मौत हो गई। परिजनों ने श्रमिक की मौत होने के बाद भी उसे रेफर किए जाने का आरोप लगा पोस्टमार्टम हाउस में हंगामा कर मुआवजे की मांग की। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
डीह के मजरा गंगाखेड़ा निवासी 20 वर्षीय आदेश अचलगंज के बंथर स्थित एक फैक्टरी में मजदूरी करता था। 11 दिसंबर को शाम 7.30 बजे वह साइकिल से ड्यूटी पर जाने के लिए निकला था। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर शिवसिंहखेड़ा गांव के पास अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। परिजनों ने आदर्श नगर नहर स्थित एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया था। शनिवार सुबह पांच बजे उसकी मौत हो गई। मृतक की बुआ सियादुलारी का आरोप है कि मौत होने के बाद भी आदेश को नर्सिंगहोम स्टॉफ में रेफर किया। लखनऊ ले जाने पर उसे मृत बता दिया गया। आरोप है कि नर्सिंगहोम संचालक ने रुपये ऐंठने के लिए इलाज में लापरवाही बरती। एक लाख रुपये इलाज के नाम पर ले लिए गए। लखनऊ से शव घर लाकर परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों ने नर्सिंगहोम संचालक पर कार्रवाई व मुआवजे की मांग कर हंगामा किया।
आदेश की शादी 24 मई को अचलगंज के कोरारीकला गांव निवासी नंदकिशोर की बेटी पूनम से हुई थी। वह सात माह की गर्भवती है। पति की मौत से वह बेहाल हो गई। रोते हुए बोली कि दुनिया में आने से पहले ही उसके बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया। सात माह में ही पूनम का सुहाग उजड़ने से उसके माता-पिता व सुसरालीजनों का रोकर बुरा हाल है। आदेश के शव से लिपटकर बिलख रही बुआ ने बताया कि बचपन में उसके माता-पिता की मौत हो गई थी। इस पर उसने ही आदेश को अपने पास रखकर बड़ा किया।