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किशोर और युवक ने जान दी

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राकेश की मौत के बाद बेटियों के साथ गुमसुम बैठी मां गंगादेवी। संवाद - फोटो : UNNAO
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गंजमुरादाबाद। विभिन्न स्थानों पर किशोर और युवक के शव घर में फंदे से लटके मिले। युवक के परिजनों के अनुसार पत्नी के मायके न आने से दु:खी होकर उसने खुदकुशी का कदम उठाया। इससे पहले भी वह खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा चुका था। पिता की डांट से नाराज होकर किशोर ने जान दे दी।
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चमरौधा कछियाना निवासी राकेश कुमार राठौर (40) सब्जी मंडी में एक गुमटी रखकर साइकिल मरम्मत का काम करता था। परिजनों के अनुसार चार वर्ष से उसका पत्नी पूजा से मनमुटाव चल रहा है। इससे पत्नी अपनी बेटी 12 वर्षीय संध्या, नौ वर्षीय सपना व पांच वर्षीय निशा को छोड़कर मायके चली गई थी। पति राकेश ने कई बार उसे घर लाने का प्रयास किया पर वह नहीं आई। पत्नी के न आने से दु:खी राकेश ने तीन माह पहले खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। छोटे भाई के प्रयास व समुचित इलाज मिलने से वह बच तो गया था पर लगातार इलाज चलने व शरीर खराब होने से वह परेशान था। सुबह उसका शव कमरे में रस्सी के सहारे फंदे से लटका मिला। छोटे भाई मुकेश ने बताया कि पत्नी के न आने और शरीर खराब होने से आहत होकर राकेश द्वारा जान देने की बात कही है। बिना पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। मां गंगादेवी ने बताया कि एक माह पहले उसके पति नन्हेलाल की बीमारी से मौत हो गई थी।
ग्राम गहरपुरवा निवासी रामप्रकाश रैदास का 17 वर्षीय पुत्र अर्जुन का शव घर में कुंडे से लटका मिला। सुबह शव लटका देख परिजन बेहाल हो गए। ग्रामीणाें के अनुसार अर्जुन अक्सर घर से बिना बताए चला जाता था और गांव में घूमा करता था। पिता ने इसी बात पर उसे डांट दिया था। इससे आहत होकर उसने जान दे दी। अर्जुन दो भाइयों में छोटा था। उसकी मौत से बड़े भाई कल्लू, मां विमला व पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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