हसनगंज में चारों व्यापारियों की अंतिम यात्रा के दौरान बेहाल परिजन। संवाद
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हसनगंज। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर बुधवार को ट्रक ने चार व्यापारियों को रौंद दिया था। पोस्टमार्टम के बाद देर रात शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। गम और गुस्से के बीच गुरुवार सुबह शवों का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान हर किसी की आंख नम हो गई। त्योहार में दूसरे दिन भी कस्बे के बाजार पूरी तरह बंद रहे।
जाजमऊ चौकी के कल्लूपुरवा के पास बुधवार शाम चार बजे ट्रक ने अमरूद खरीदने के लिए कार से उतरे हसनगंज कस्बा निवासी शिवनारायण गुप्ता, विजय कुमार गुप्ता, रमेश कुमार गुप्ता व राजेंद्र गुप्ता उर्फ बलराम को रौंद दिया था। मौके पर ही सभी की मौत हो गई थी। हादसे के वक्त सभी कार से त्योहार की खरीदारी करने कानपुर जा रहे थे। डीएम के आदेश पर रात में ही शवों का पोस्टमार्टम किया गया। गंभीर चोट और कोमा में जाने से सभी की मौत की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम प्रकिया पूरी होने के बाद रात दो बजे शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। सुबह अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों की भीड़ जुट गई। हर एक की आंख नम हो गई। बांगरमऊ के नानामऊ घाट पर शवों का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं मृतकों के पास मिली एक लाख से अधिक की नगदी पुलिस ने परिजनों के सुुपुर्द की है।
दिवाली में साथ होने की जगह अपनों के दूर चले जाने के गम में परिजन बेहाल हैं। मृतक विजय गुप्ता की पत्नी कामिनी पति के शव से लिपटकर बार-बार अपने बच्चों की ओर निहार रही थी। सिर से पिता का साया उठने पर बच्चे भी बेहाल रहे। मृतक रमेश गुप्ता के शव से लिपटकर उसकी तीनों बेटियां प्रशंसा, परी व सिद्धि का रोकर बुरा हाल रहा। मृतक राजेंद्र गुप्ता की पत्नी ज्योति, बेटा राम व विवाहित बेटी पूजा का रोकर बेहोश हो रही थी। वहीं मृतक शिवनारायण के बेटे सत्यम, शिवम व मां प्रेमा भी बेहाल हैं।
हाईवे पर चार व्यापारियों को कुचलने वाले ट्रक चालक शहर के कंजी निवासी फिरोज को हादसे के बाद कानपुर की चकेरी पुलिस ने पकड़ा था। उसे वाहन समेत गंगाघाट कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर चालक को गिरफ्तार किया है।