उन्नाव में हादसे में चार व्यापारियों की मौत पर पोस्टमार्टम हाउस में बिलखते मृतकों के परिजन। संव?
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उन्नाव। प्रकाश के पर्व छोटी दिवाली (नरक चौदस) पर हुए हादसे में चार व्यापारियों की मौत से परिवारों में अंधेरा छा गया। काल बनकर आए ट्रक ने पलक झपकते ही चार लोगों की जिंदगी लील ली। हादसे में किसी की मांग का सिंदूर उजड़ गया तो किसी के सिर से पिता का साया उठ गया। हादसे की जानकारी पर हर कोई दुखी हो गया। हादसे के बाद शोक में बाजार बंद हो गया। दुकानें बंद कर लोग व्यापारियों के घर पहुंच परिजनों को ढांढस बंधाया।
लखनऊ-कानपुर हाईवे पर गंगाघाट थाना क्षेत्र में हुए हादसे में जान गंवाने वाले चार व्यापारियों में हसनगंज कस्बा निवासी कीटनाशक दवा व्यवसायी शिवनारायण गुप्ता ने कुछ वर्ष पहले लखनऊ के राजाजीपुरम में मकान बनवाया था। इस मकान में उनके दोनों विवाहित बेटे सत्यम व शिवम रहते हैं। सप्ताह में दो दिन शिवनारायण भी पत्नी प्रेमा के साथ लखनऊ चले जाते थे। बुधवार को पड़ोस में रहने वाले परिवार के बलराम व रमेश ने शिवनारायण व उनके भतीजे विजय नारायण को खरीदारी करने के लिए कानपुर जाने के लिए कार में अपने साथ बैठा लिया। रमेश के भांजे 10 वर्षीय आराध्य ने भी साथ चलने की जिद की तो उसे भी बैठा लिया। बाल-बाल बचा आराध्य हादसे की दास्तां बताते कांप उठा। कार से उतरकर सड़क के किनारे खड़े होने से उसकी जान बच गई।
शिवनारायण समेत अन्य की मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची परिवारों में मातम पसर गया। परिजन रोकर बेहाल हो गए। शिवनारायण की पत्नी प्रेमा व बेटे सत्यम, शिवम बेहाल हो गए। विजय कुमार की पत्नी कामिनी व बच्चों में शिवाय और कामिनी का बुरा हाल हो गया। रमेश की मौत पर तीनों बेटियां प्रशंसा, परी व सिद्धि फूट-फूटकर रो पड़ी। व्यापारी बलराम की मौत से पत्नी ज्योति बेटा रामजी व विवाहित बेटी पूजा बेहाल हो गई। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। परिजनों ने रात में ही पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की। इस पर विधायक ने डीएम से वार्ता कर रात में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई।