सफीपुर। पेट की समस्या से ग्रसित नर्सिंगहोम में भर्ती मानसिक बीमार युवक परिजनों व नर्सिंगहोम स्टॉफ से नजरे बचाकर घर पहुंचा और फंदे से लटककर जान दे दी। वह पिछले 15 दिन से नर्सिंगहोम में भर्ती था। शुक्रवार को उसे डिस्चार्ज किया जाना था। इससे पहले ही उसने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
मवईलाल गांव निवासी हरिपाल द्विवेदी (45) पेट की समस्या से ग्रसित था। परिजनों ने 15 दिन पहले उसे सफीपुर के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद उसकी हालत में सुधार हो गया। शुक्रवार 22 अक्तूबर को उसे डिस्चार्ज किया जाना था। गुरुवार शाम हरिपाल बिना किसी को कुछ बताए बेड से गायब हो गया। उसे बेड पर न देख हड़कंप मच गया। परिजन भागकर घर पहुंचे मुख्य दरवाजा खुला मिला। अंदर जाने पर वह कोठरी में धन्नी से रस्सी के सहारे लटका मिला। पत्नी सीता ने बताया कि पति दो वर्षों से मानसिक बीमारी परेशान थे। उन्होंने फंदे से लटककर जान दे दी। हरिपाल की मौत से सीता, 16 वर्षीय बेटे मयंक व बेटी स्वेता, पलक का रो-रोकर बुरा हाल रहा।