उन्नाव। हसनगंज ब्लाक की धोपा ड्रेन की तीन माह के अंदर दो विभागों द्वारा सफाई कराने में गोलमाल का खुलासा होने के बाद 2.42 लाख रुपये की रिकवरी कराई गई है। यह राशि प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक से वसूली गई है। अभी इनके खिलाफ और कार्रवाई होगी।
धोपा ड्रेन हसनगंज के कई गांवों से निकली है। कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि ड्रेन की सफाई दो विभागों द्वारा कराकर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने खुद जांच की। जांच में पता चला कि तीन माह में ड्रेेन की दो विभागों ने सफाई करा डाली। पहले छह किलोमीटर लंबी ड्रेन की सफाई मार्च में सिंचाई खंड दो के ठेकेदार ने कराई थी। 31 मार्च को इसका 5.38 लाख रुपये का भुगतान भी हो गया था। उसी ड्रेन की सफाई तीन महीने बाद 18 जून से 13 जुलाई के बीच ग्राम प्रधान दिलीप व ग्राम विकास अधिकारी हिमांशु यादव ने मनरेगा से कराकर 2.42 लाख रुपये का भुगतान करा दिया था। सिंचाई विभाग से रिपोर्ट ली गई तो पता चला कि उन्होंने पहले सफाई कराई थी।
ग्राम पंचायत से मनरेगा से सफाई कराने के लिए उनके विभाग ने एनओसी नहीं ली। इसमें ग्राम पंचायत के जिम्मेदार दोषी पाए गए और 2.42 लाख की गड़बड़ी पाई गई। सीडीओ ने प्रधान, सचिव व मनरेगा के तकनीकी सहायक से सरकारी धन की बराबर-बराबर वसूली कराने के आदेश दिए। मनरेगा उपायुक्त राजेश कुमार झा ने बताया कि प्रत्येक से सरकारी धन के एक तिहाई की रिकवरी करा ली गई है। साथ ही आगे की कार्रवाई तय की जा रही है।