पुरवा। फायर कर सराफा कारीगर को घायल करने का मामला पुलिस की जांच में फर्जी निकला। पुलिस के अनुसार अनियंत्रित हो सड़क पर गिरने से बाइक में आई टूट-फूट को बीमा क्लेम के जरिए सही कराने की योजना बना सराफ कारीगर ने फायर मारकर घायल किए जाने की झूठी सूचना पुलिस को दी थी।
कोतवाली क्षेत्र के जुराखनखेड़ा गांव निवासी दीपक ज्वैलरी बनाने का काम करता है। शनिवार रात उसने पुलिस को सूचना दी कि वह राजाबाजार स्थित दुकान में काम खत्म करने के बाद बाइक से घर लौट रहा था। पुरवा-उन्नाव मार्ग पर ऊंचगांव किला के पास पीछे से बाइक से आए दो लोगों ने कट मारकर उसकी बाइक को गिरा दिया और उस पर फायर किया।
गोली दाहिने कंधे को छूते हुए निकल गई। उसने शर्ट की जेब में पड़े 30 हजार रुपये कहीं गिर जाने की भी बात पुलिस को बताई थी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की तो मामला संदिग्ध नजर आया। पुलिस ने पीड़ित दीपक से सख्ती से पूूछताछ की तो वह टूट गया और सच उगल दिया।
कोतवाल अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी की बाइक अनियंत्रित हो सड़क पर गिरने से टूट गई थी। बीमा क्लेम के जरिए बाइक की टूट-फूट सही कराने के लिए उसने फायर मारे जाने की झूूठी कहानी रची थी। उसके क्षमा मांगने पर हिदायत देकर छोड़ दिया गया।