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दुष्कर्म पीड़िता ने की दो लोगों की सुरक्षा हटाने की मांग

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उन्नाव। पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण की दुष्कर्म पीड़िता का शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हुआ है। पीड़िता ने अपने मृत वकील के रिश्ते में भाई व एक अन्य वकील को मिली सीआरपीएफ सुरक्षा हटाए जाने की मांग की है।
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वायरल वीडियो में पीड़िता ने बताया है कि सीआरपीएफ की सुरक्षा पाने वाले पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र न ही उसके कोई रिश्तेदार है और न ही उसके केस के पैरोकार। वहीं वकील अजेंद्र अवस्थी का नाम लेते हुए कहा कि वह भी उसके केस में वकील नहीं हैं। गलत तरीके से सीआरपीएफ की सुरक्षा ले रखी है। पीड़िता ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सीआरपीएफ कमांडेंट से निवेदन किया है कि इन लोगों की सुरक्षा हटाई जाए। कहा है कि रायबरेली की घटना के बाद अधिवक्ता रहीश अहमद, अजेंद्र अवस्थी, शहंशाह आलम व अशोक द्विवेदी उसके केस देख रहे थे। अब यह अधिवक्ता उनका केस नहीं देख रहे हैं। चार में से दो को अभी भी पुलिस सुरक्षा और दो लोगों के पास सीआरपीएफ सुरक्षा होने से पुलिस सुरक्षा हटा ली गई थी। मालूम हो कि 28 जुलाई 2019 को रायबरेली में हुए हादसे के बाद ही इन सभी को सीआरपीएफ व पुलिस सुरक्षा मिली थी।
दुष्कर्म पीड़िता के चाचा के केस में अपनी जमीन जमानत पर लगाने वाले अजगैन निवासी युवक ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इंसाफ की गुहार लगाई है। उसका आरोप है कि जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व विधायक के लोगों ने जमानत लेने पर उसे 20 जुलाई को रास्ते में रोक लिया और गाली-गलौज की। पुलिस से शिकायत करने पर उसे चलता कर दिया गया। थाना से घर लौटते समय रास्ते में दो बाइक सवार पांच लोगों ने रोक लिया और जानलेवा हमले की नीयत से फायर कर दी। किसी तरह वह जान बचाकर वहां से भागा। एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि अभी तक उन्हें कोई प्रार्थनापत्र नहीं मिला है।
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पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर व इस केस से जुड़े आरोपियों के जेल में होने के बाद भी सीआरपीएफ व पुलिस की सुरक्षा के बीच चल रहे लोगों को अपनी सुरक्षा का खतरा सता रहा है। सीआरपीएफ की सुरक्षा लेकर चल रहे पूर्व जिला पंचायत सदस्य के कारनामें सुर्खियों में आने के बाद अब सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही कुछ लोगाें की सुरक्षा जल्द ही हटा ली जाएगी। एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि जिन लोगाें ने गलत तथ्य पेशकर सुरक्षा ले रखी है उनकी सुरक्षा हटाई जाएगी। पूर्व विधायक प्रकरण में भी अब जिन्हें सुरक्षा की जरूरत है उन्हीं की सुरक्षा बरकरार रखी जाएगी।
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