उन्नाव। पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण की दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या में सीबीआई के गवाह की सोमवार रात अचानक हालत बिगड़ गई। उल्टियां होने पर पुलिस ने सीएचसी सफीपुर में भर्ती कराया। वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहर की आशंका पर उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। हालांकि पुलिस ने अधिक शराब पीने से हालत बिगड़ने की बात कही है।
पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण की दुष्कर्म पीड़िता का पिता 3 अप्रैल 2018 की रात मुकदमे की पेशी में दिल्ली से जिला न्यायालय आया था। पेशी की अगली तारीख 12 अप्रैल निर्धारित होने पर वह अपनी बीमार मां को दवा देने के लिए गांव जा रहा था। तभी रास्ते में पूर्व विधायक के भाई जयदीप सिंह उर्फ अतुल सेंगर ने साथियों के साथ मिलकर पिटाई की और उसे खींचकर अपने घर के पास पेड़ में बांधकर पीटा था। दुष्कर्म पीड़िता के पिता के साथ मौजूद उसके चाचा के सहयोगी ने बचाने का प्रयास किया तो उसकी भी बेरहमी से पिटाई की। आठ अप्रैल 2018 को दुष्कर्म पीड़िता के पिता की मौत हो गई थी। पीड़िता से दुष्कर्म और उसके पिता की हत्या में मौजूदा समय में पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर जेल में हैं। पीड़िता के पिता की पिटाई के वक्त मौजूद सहयोगी मौजूदा समय में पीड़िता के गांव स्थित घर में रह रहा है। सहयोगी युवक पीड़िता के पिता की हत्या में सीबीआई का गवाह था। सोमवार रात अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। सुरक्षा में लगे सिपाही विश्वजीत ने उल्टियां होते देख उच्चाधिकारियों को जानकारी दी।
एसओ माखी राजेश सिंह मौके पर पहुंचे और उसे सीएचसी सफीपुर में भर्ती कराया। वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टर ने जहर की संभावना जता उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया। डीएम रवींद्र कुमार के आदेश पर सीएमएस डॉ. पवन कुमार इमरजेंसी पहुंचे और भर्ती सीबीआई के गवाह की हालत देखी। डीएम व एसपी देर रात तक लगातार उसकी हालत पर नजर बनाए रहे। मंगलवार को हालत में सुधार होने के बाद उसे घर भेज दिया। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि सीबीआई का गवाह शराब का लती है। सोमवार रात भी उसने अधिक शराब पी थी। इससे उसकी हालत बिगड़ गई थी। मेडिकल में भी एल्कोहल की पुष्टि हुई है।
दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या में सीबीआई के गवाह की सुरक्षा में माखी थाने के सिपाही विश्वजीत को लगाया गया है। विश्वजीत ने बताया कि सोमवार रात थाने से खाना आया। वह खाना खाने के लिए घर के बाहर बेंच पर बैठ गया। इसी दौरान गवाह घर से चुपचाप निकल गया और कहीं से शराब पीकर फिर चारपाई पर लेट गया। कुछ देर बाद उसके कराहने की आवाज सुन वह उसके पास पहुंचा तो वह बोल नहीं पा रहा था और उल्टियां कर रहा था। इस पर उच्चाधिकारियों को जानकारी दी।
पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण की दुष्कर्म पीड़िता व उसके पिता की हत्या के मामले में 31 लोगों को दी गई सुरक्षा में पांच लोगों की पुलिस सुरक्षा हटा ली गई है। अधिवक्ता अजेंद्र अवस्थी, अशोक द्विवेदी, पैरोकार देवेंद्र सिंह, पीड़िता की मुरादाबाद में रहने वाली चाची को उच्चतम न्यायालय के आदेश पर सीआरपीएफ व पुलिस की दोहरी सुरक्षा मिली थी। एसपी आनंद कुलकर्णी ने पांचों लोगोें के पास से पुलिस की सुरक्षा हटा ली है। एसपी ने बताया कि सीआरपीएफ की सुरक्षा के बीच पुलिस की सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है। सीआरपीएफ सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त है। एसपी के अनुसार इस मामले में सजा हो चुकी है। इस कारण इस बात की भी समीक्षा की जा रही है कि सुरक्षा प्राप्त लोगों मेकितने लोग वास्तव में सुरक्षा के हकदार हैं। (संवाद)