औरास। तीस वर्ष पहले पूर्व प्रधान द्वारा आवंटित की गई आवासीय भूमि पर कब्जा दिलाने के लिए दरोगा ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की मांग की। पीड़ित की शिकायत पर एसपी ने सीओ बांगरमऊ को जांच सौंपी है।
रामपुर गढौवा निवासी राजा और उसके भाई जुग्गीलाल को 30 वर्ष पहले तत्कालीन प्रधान तिलक चौरसिया ने भूमि संख्या 895 में आवासीय भूमि का आवंटन किया था। इसके बाद दोनों भाइयों ने घेराबंदी कर अपना कब्जा कर लिया था। दस साल पहले जुग्गीलाल की मौत हो गई थी। तीन महीने पहले राजा की गैरमौजूदगी में जुग्गीलाल की पत्नी पार्वती और बेटे लालबहादुर सारी भूमि गांव के ही एक व्यक्ति के हाथ बेचकर उस पर उसका कब्जा कराने का प्रयास करने लगे। अपनी जमीन पर कब्जा होते देख राजा की पत्नी राजरानी ने उसे मामले की जानकारी दी तो वह भागकर गांव आया और थाने में शिकायत की। शिकायत की जांच करने पहुंचे दरोगा ने उसका शांतिभंग में चालान कर दिया। 25 जुलाई की शाम वह अपनी भूमि पर मिट्टी बराबर कर रहा था। इसका उसके भाई की पत्नी और बेटे ने विरोध कर गालीगलौज करनी शुरू कर दी। बेटी ने गाली-गलौज का वीडियो बनाया और पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि मौके पर पहुंचे दरोगा ने मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया और उसको ही धमकाकर मोबाइल लेकर चले गए। पीड़ित का कहना है कि दरोगा ने उसकी ही भूमि पर कब्जा दिलाने के लिए उसकी पत्नी से 10 हजार रुपये की मांग की। 26 जुलाई को राजा ने दरोगा द्वारा रुपये मांगने की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की।
पुलिस अधीक्षक ने जांच सीओ बांगरमऊ को सौंप दी। सीओ बांगरमऊ आशुतोष ने बताया कि मामले की जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं असोहा थानाक्षेत्र के अजयपुर गांव निवासी रंजीत ने एसपी से थाने के एक दरोगा पर घूस मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि वह अपने खेत में मकान बनवा रहा है। कुछ लोगों ने चकरोड पर कब्जा करने की झूठी शिकायत कर दी। इसपर पुलिस ने उसे थाने बुलाया और रात भर बैठाए रही। एक जनप्रतिनिधि के फोन करने के बाद दरोगा ने उससे पांच हजार रुपये देकर घर जाने को कहा। काफी कहने के बाद डेढ़ हजार रुपये लिए तब जाने दिया। एसपी ने जांच कराने का आश्वासन दिया है।