मौरावां। गांव दरेहटा में हुए नवनिर्वाचित प्रधान को गोली मारने के मामले में एसओ की लापरवाही सामने आई है। एसओ को पूर्व में हुए विवाद में कड़ी कार्रवाई की जगह समझाकर गांव से लौटने का दोषी पाया गया। सीओ की रिपोर्ट पर एसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया। पुलिस ने नामजद दो आरोपियों और उन्हें शरण देने वाले चार लोगों समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। वहां से सभी को जेल भेजा गया है। आरोपियों के पास से एक लाइसेंसी रिवाल्वर व दो तमंचे बरामद हुए हैं। पकड़े गए आरोपियों में दो लखनऊ के निवासी हैं।
पूर्व प्रधान वेदप्रकाश यादव ने साथियों के साथ मिलकर रविवार को प्रधान अवधेश चौरसिया, उनके भतीजे अंकित व समर्थक सतीश पर फायरिंग कर घायल कर दिया था। पुलिस ने पूर्व प्रधान वेदप्रकाश यादव, उसके दो भाई सुभाष चंद्र, संतोष, नीरज यादव व अनिल साहू पर रिपोर्ट दर्ज की थी। एसपी आनंद कुलकर्णी ने सभी आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया था। सीओ पुरवा रघुवीर सिंह को पुलिस की भूमिका की जांच सौंपी थी। जांच में पाया गया कि घटना से पूर्व आरोपी पक्ष ने नवनिर्वाचित प्रधान के घर जाकर गाली-गलौज की थी। मौरावां एसओ राजेंद्र रजावत गांव पहुंचे और कार्रवाई के बजाय दोनों पक्षों को समझाकर लौट गए थे। सीओ की रिपोर्ट पर एसपी ने एसओ राजेंद्र रजावत को निलंबित कर दिया। कई अन्य पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
स्वॉट प्रभारी गौरव कुमार ने टीम की मदद से नामजद आरोपी संतोष उर्फ विजेंद्र प्रताप, अनिल साहू व उन्हें शरण देने वाले लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र के चुन्नूखेड़ा गांव निवासी मानसिंह, हंसखेड़ा निवासी विमलेश यादव, सुब्बाखेड़ा पुरवा निवासी अकबाल यादव व पुरैनीखेड़ा गांव निवासी शत्रुघ्न को दो तमंचा व एक लाइसेंसी रिवाल्वर के साथ गिरफ्तार कर लिया। एहतियात के तौर पर मंगलवार को भी गांव में पुलिस तैनात रही।