उन्नाव। अस्थाई जेल में शौचालय की सफाई से इनकार पर सुरक्षाकर्मियों ने युवक को बेल्ट व डंडों से बेरहमी से पीटा। बुधवार को रिहाई के बाद पीठ पर चोट के निशान देख बहन ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।
माखी के पटियारा गांव निवासी ज्ञानू शुक्ल की बहन ममता द्विवेदी शहर के इंदिरा नगर में रहती है। एक साल पहले ज्ञानू बहन के घर गया था। वहां उसकी कुछ लोगों से मारपीट हुई थी। पुलिस ने ज्ञानू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। छह माह से वह पेशी पर नहीं गया था। इस पर कोर्ट से उसका वारंट जारी हो गया। सदर कोतवाली पुलिस ने दो अप्रैल की रात बहन के घर से उसे गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने शनिवार को अस्थाई जेल बक्खाखेड़ा भेजा था। ज्ञानू का आरोप है कि जेल में सुरक्षाकर्मियों ने सिपाहियों ने उससे शौचालय साफ करने के लिए कहा। मना करने पर पीटा। अस्थाई जेल में बंदी रक्षक, पुलिसकर्मी और होमगार्ड तैनात हैं। वह सामने आने पर उन्हें पहचान सकता है। बुधवार को जमानत मिलने पर ममता ने ज्ञानू की पीठ पर चोटों के निशान देखे। इस पर वह भाई को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। ज्ञानू का आरोप है कि रोक के बावजूद पैसे लेकर जेल में मुलाकात कराई जाती है। सीओ सिटी कृपाशंकर ने बताया कि तहरीर मिली है। पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। जेल अधीक्षक एके सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। किसी ने अभी तक मारपीट की पुष्टि नहीं की है। जांच कराई जा रही है।