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Unnao News: चचेरे साले ने की जीजा की गोली मारकर हत्या

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नवाबगंज (उन्नाव)। जमीन का बैनामा न कराने से नाराज चचेरे साले ने साथी के साथ मिलकर शनिवार देर रात जीजा को गोली मार दी। परिजन घायल को सीएचसी ले गए। डॉक्टर ने यहां से जिला अस्पताल, फिर कानपुर हैलेट रेफर कर दिया। रविवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में पिता व दो पुत्रों सहित चार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सोहरामऊ थानाक्षेत्र के ठकुराईनखेड़ा निवासी अमन ने बताया कि पिता कन्हईयालाल (45) ने तीन साल पहले मोहनलालगंज थानाक्षेत्र के मरुई गांव में निवासी चचेरे मामा नागेंद्र पुत्र हरिप्रसाद से छह लाख रुपये में 13 बिस्वा जमीन का सौदा किया था। जिसका एक लाख में बयाना भी हुआ था। जब पिता ने नागेंद्र से बची रकम मांगी तो उसने जमीन लेने से मना कर दिया।
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कहा कि बयाना का पैसा लौटा दो और जमीन किसी दूसरे को बेच दो। इस पर पिता ने उसका एक लाख रुपया लौटा दिया। उसके बाद भी नागेंद्र दोबारा ब्याज सहित रकम की मांग करता रहा। न देने पर जमीन का बैनामा करने का दबाव बना रहा था। जमीन का बैनामा न करने से नागेंद्र, उसका भाई भूपेंद्र उर्फ मोनू व सुशील उर्फ सन्नाम व उसके पिता हरिप्रसाद रंजिश मान रहे थे।
शनिवार रात करीब 12 बजे अपाचे गाड़ी से दो लोग आए और दरवाजे पर सो रहे पिता को गोली मार दी और भाग निकले। गोली जबड़े में लगी थी। लहूलुहान हालत में पिता को पहले असोहा सीएचसी फिर जिला अस्पताल उसके बाद कानपुर हैलट रेफर किया गया। सीओ तेज बहादुर सिंह ने मौका मुआयना किया। पति की मौत से पत्नी उमा, मां शांति और बच्चों में अमन, अभिषेक, बेटी अनामिका और आकांक्षा बेहाल हैं। सोहरामऊ थानाध्यक्ष अरविंद पांडेय ने बताया कि मृतक की बेटी अनामिका की तहरीर पर नागेंद्र, भूपेंद्र और सुशील पर पहले हत्या के प्रयास की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, अब मौत के बाद हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। फायर अगर तमंचे से की गई होगी तो आर्म्स एक्ट की भी धारा बढ़ेगी। साथ ही नागेंद्र और सुशील को से पूछताछ की जा रही है।
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समय रहते पुलिस करती कार्रवाई तो शायद बच जाती जान
नवाबगंज। ठकुराईनखेड़ा गांव में हत्या की वारदात में मृतक के बेटे अमन ने बताया कि जमीन के बयाने के रूप में मिले एक लाख रुपये वापस करने के बाद भी छह माह से आरोपी नागेंद्र गलत दबाव बना रहा था कि रुपये वापस नहीं किए हैं। ब्याज सहित रकम वापस करो नहीं जमीन का बैनामा करना पड़ेगा। इसकी लिखित शिकायत सोहरामऊ थाने और उदेतखेड़ा चौकी में की गई थी लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। अमन ने बताया कि अगर समय रहते पुलिस इस पर ध्यान देती तो शायद पिता की हत्या न होती। चौकी इंचार्ज लक्ष्मी प्रसाद ने बताया कि तहरीर आने पर दोनों को समझाया गया था।
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