लखनऊ-कानपुर राजमार्ग पर नवाबगंज पुलिस चौकी के पास कार ने साइकिल सवार दंपति को टक्कर मार दी। इसमें पति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी को सीएचसी ले जाया गया। यहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद चालक कार छोड़कर भाग निकला। दंपति अपनी बेटी की शादी का सामान खरीदने नवाबगंज जा रहे थे। शादी के पांच दिन पहले हादसा होने से घर में कोहराम मचा है।
अजगैन थानाक्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी रज्जन (50), पत्नी चंद्रावती (45) के साथ साइकिल से नवाबगंज बेटी की शादी का सामान खरीदने जा रहे थे। नवाबगंज चौकी के पास कानपुर से लखनऊ की ओर जा रही कार ने साइकिल में टक्कर मार दी। इससे रज्जन की मौत हो गई। जबकि घायल चंद्रावती को सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। सूचना पर चौकी इंचार्ज विश्वदेव सिंह मौके पर पहुंचे और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
डोली उठने से पहले कहा अलविदा
रज्जन के दूसरी बेटी का विवाह बरबटपुर चकलवंशी में तय है। 25 अप्रैल को बारात आनी थी। माता-पिता शादी की तैयारियों में लगे थे। घर में खुशी का माहौल था। माता-पिता बेटी की डोली उठने को लेकर उत्साहित थे। उन्हें नहीं मालूम था कि जिस बेटी के विवाह की तैयारी करने में वह जुटे हैं, उसकी डोली को वह कंधा नहीं दे पाएंगे। दंपति की मौत से घर में कोहराम मच गया। परिजन व रिश्तेदार सीएचसी पहुंचे।
बेटे व बहू का शव देख गिरे पिता
रज्जन माता-पिता की इकलौती संतान थी। हादसे में बेटे व बहू के मौत की खबर मिलते ही पिता भगवानदीन पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। एकलौते बेटे और बहू की मौत की सूचना मिलते ही भगवानदीन नंगे पांव ही सीएचसी की ओर पैदल भागे। यहां बहू का शव देख बदहवास होकर गिर गए। होश आने पर भगवानदीन बार-बार अपनी उम्र व भगवान को कोस रहे थे। भगवानदीन ने बताया कि रज्जन के छह बच्चे हैं।
भाई का आरोप, 25 हजार रुपये गायब
हादसे का शिकार हुए रज्जन के रिश्तेदार शिवमंगल निवासी बेती जिला लखनऊ ने आरोप लगाया कि चंद्रावती के पास 25 हजार रुपये थे। जो एक पर्स में पड़े थे। घटना के बाद से पर्स गायब है। शिवमंगल का आरोप था कि सीएचसी में इलाज के दौरान उनकी पर्स पार कर दी गई। चौकी इंचार्ज विश्वदेव यादव ने बताया कि घटना के समय भी महिला के पास पर्स थी।