11 मार्च को होने वाली मतगणना के दौरान कार्मिक मतगणना कक्ष में मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। इसके अलावा जो भी धूम्रपान करता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी परियोजना निदेशक डीआरडीए राम कृपाल चौधरी ने दी। उन्होंने ईवीएम का विधिवत प्रशिक्षण दिया। साथ ही मौखिक जानकारी भी दी।
निराला प्रेक्षागृह में कार्मिकों को मतगणना प्रक्रिया की बिंदुवार जानकारी दी गई। कार्मिकों को निर्देशित किया गया कि वह 11 मार्च को निर्धारित समय सुबह छह बजे पहुंचे। सबसे पहले स्थल पर पहुंचकर अपनी विधानसभा स्थल पर ड्यूटी वितरण काउंटर से ड्यूटी प्राप्त कर निर्धारित कक्ष संख्या व टेबिल संख्या पर बैठ जाएं। इसके बाद आरओ/एआरओ व प्रत्याशियों/निर्वाचन अभिकर्ताओं व मतगणना एजेंट की उपस्थिति में विधानसभावार स्ट्रांग रूम समय पर खोला जाएगा। मतगणना हाल के अंदर किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को जाने की अनुमति नहीं होगी।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के गणना कक्ष में अधिकतम 14 टेबिल लगाई जाएंगी। गणना कार्य के लिए 114 गणना पर्यवेक्षक, 114 गणना सहायक, 114 गणना सहायक (चतुर्थ श्रेणी) व 114 गणना माइक्रो आब्जर्वर लगाए गए हैं। इस प्रकार कुल 456 कार्मिक तैनात किए गए हैं। इस दौरान जिला विकास अधिकारी नरेश बाबू सविता और सभी विधानसभा के आरओ/एआरओ, बीएसए व डीआईओएस आदि अधिकारी मौजूद रहे।
सबसे पहले पोस्टल बैलेट की होगी गिनती
कार्मिकों को बताया गया कि सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती आरओ टेबिल पर होगी। पीडी ने सभी कार्मिकों को आगाह किया कि वह अपना फोटो युक्त पहचान पत्र और ड्यूटी कार्ड अवश्य लाएं। कंट्रोल यूनिट को कैरिंग केस से बाहर निकालने से पहले उस पर लगा हुआ एड्रेस टैग और फार्म 17 सी भाग एक से मिलान करके देख लें कि वह कंट्रोल यूनिट उसी बूथ की है या नहीं। उसके बाद कैरिंग केस से एड्रेस टैग को काटकर कंट्रोल यूनिट को बाहर निकाल लें और गणना टेबिल पर रखें। इसके बाद दोबारा कंट्रोल यूनिट पर लगे हुए पिंक पेपर सील, ग्रीन पेपर सील, बाहरी स्ट्रिप सील और स्पेशल टैग आदि का निरीक्षण कर लें व गणना एजेंट को भी करा दें।