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Unnao News: पांच घंटे की वार्ता के बाद संविदा कर्मी काम पर लौटे, बिजली आपूर्ति बहाल

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भुड़कुडी गांव में रोती-बिलखती पत्नी जूही। संवाद
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औरास। औरास पावर हाउस में शुक्रवार दोपहर संविदा ऑपरेटर के जिंदा जल जाने के बाद से ठप हुई बिजली आपूर्ति 48 घंटे तक बंद रही। रविवार दोपहर एसडीओ व एक्सईएन के पहुंचे। पांच घंटे तक वार्ता चली। समस्याओं के समाधान करने का आश्वासन दिए जाने के बाद संविदा कर्मी काम पर लौटे और तीन बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली।
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भुड़कुडी निवासी ऋषि सिंह (33) औरास पावर हाउस में संविदा पर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। शुक्रवार को जेई अंबिका प्रसाद यादव ने बिना सूचना दिए ही खोखापुर सबस्टेशन से 33 केवी लाइन का लिया शटडाउन वापस ले लिया था। इससे लाइन में जंपर डाल रहे ऋषि सिंह की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। साथ ही पावर हाउस में भी आग लग गई थी। किसी तरह से आग बुझाई गई थी। मामले में मृतक के परिजन ने हंगामा किया था। शनिवार को थाने में परिजन व अधिकारियों की मौजूदगी में 14 लाख की सहायता राशि व अन्य मांगों पर समझौता हुआ था लेकिन रात हो जाने से शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका था। इस पर अन्य संविदा कर्मियों ने काम न करने की बात कही थी। इस कारण रात में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। रविवार को शव का अंतिम संस्कार होने के बाद पहले एसडीओ धर्मेंद्र राजपूत पावर हाउस पहुंचे और संविदा कर्मियों से बातचीत की। लक्ष्मीकांत, प्रदीप, विनोद, रामसहाय व विकास सिंह आदि कर्मियों ने बताया कि संस्था की ओर से सेफ्टी उपकरण नहीं दिए गए हैं। साथ ही वह सभी अर्धकुशल श्रमिक हैं। जबकि कार्य कुशल श्रमिकों को करना चाहिए। फिर भी उनसे काम लिया जाता है। एसडीओ के आश्वासन के बाद भी जब कर्मी काम पर नहीं लौटे तो एक्सईएन हसनगंज अजय कुमार पहुंचे। उन्होंने एक घंटे तक वार्ता की और मांगों के समाधान का आश्वासन दिया। करीब तीन बजे कर्मी काम पर वापस लौटे और पहले कस्बे की आपूर्ति शुरू की। फिर दस मिनट के अंतराल पर ग्रामीण फीडरों की बिजली सप्लाई शुरू कर दी। करीब 49 घंटे बाद बिजली मिलने पर दो लाख की आबादी ने राहत की सांस ली।

भुड़कुडी गांव में रोती-बिलखती पत्नी जूही। संवाद

भुड़कुडी गांव में रोती-बिलखती पत्नी जूही। संवाद

भुड़कुडी गांव में रोती-बिलखती पत्नी जूही। संवाद

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