उन्नाव। कभी बदन झुलसाती धूप तो कभी बरसात की ठंडक। मौसम के इस उतार-चढ़ाव में संक्रामक रोगों की बाढ़ आ गई है। बारिश शुरू होते ही बीमारियों का हमला तेज हो गया है। डायरिया और बुखार रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा जारी है। औसतन एक दर्जन मरीज रोज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। भीड़ के कारण अस्पताल में उन्हें भर्ती करने की जगह कम पड़ गई है। तीन दिन के अंदर ही दो दर्जन डायरिया पीड़ित अस्पताल में भर्ती हुए। मंगलवार को बारह घंटे के अंतराल में 11 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए।
अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड कम पड़ रहे हैं। नतीजतन एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती कराने की मजबूरी है। बारिश से हुए जलभराव-गंदगी और तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव का ही नतीजा है कि खान-पान में जरा सी लापरवाही लोगों को बीमार कर रही है। मंगलवार को बारह घंटे के अंतराल में डायरिया से पीड़ित 11 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए। इनमें अधिकांश मरीज शहर क्षेत्र के हैं।
शहर के मोहल्ला छिपियाना निवासी मुन्ना का एक माह का बच्चा अरशद कई दिनों से उल्टी-दस्त से परेशान था। सोमवार रात हालत बिगडने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। कांशीराम कालोनी के खलील की पत्नी रशीदा (55) ईदगाह कालोनी की खुशनुमा (35) पत्नी मो. रफीक, पूरन नगर मोहल्ला के वरुण (35), नरेंद्र नगर निवासी दीक्षा (11) पुत्री भरोसे, कल्याणी मोहल्ला के रमेश (42), मौहारी बाग निवासी प्रदीप की बेटी अनन्या (3), शिवनगर की रश्मी (28) पत्नी सर्वेश, शाहगंज मोहल्ला की रामा (55) पत्नी धनीराम, थाना गांव निवासी अनु (7) पुत्र राजियावन और बनकटा गांव के सुरेश ने अपनी डेढ़ साल की बेटी महक को डायरिया के इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में भी बुखार, दस्त व अन्य संक्रामक रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या में दो गुना से ज्यादा इजाफा है। ग्रामीण क्षेत्रों की सीएचसी और पीएचसी में भी संक्रामक रोगों से पीड़ित मरीजों की भीड़ है।