उन्नाव। शनिवार रात जिलाधिकारी के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने सीएमएसडी स्टोर पर छापा मारा। छापे के दौरान दो अहम स्टाक रजिस्टर स्टोर में मौजूद नहीं मिले। टीम ने स्टोर में मौजूद दवा के स्टाक का मिलान कराना शुरू कर दिया है। प्रारंभिक जांच में मिली अनियमितता की सूचना डीएम को दे दी गई।
शनिवार रात सात बजे सिटी मजिस्ट्रेट राकेश गुप्ता के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम पुराना अस्पताल स्थित सेंट्रल ड्रग स्टोर पहुंची थी। टीम ने सबसे पहले स्टाक रजिस्टर देखे। उन्हें दो रजिस्टर नहीं मिले। बड़ी मात्रा में ऐसी दवाएं थी जिनका वितरण तो कर दिया गया था लेकिन रजिस्टर में दर्ज नहीं मिली। कुछ दवाएं ऐसी भी थी जिनके बिल वाउचर तक नहीं मिले। जांच टीम ने स्टाक रजिस्टर कब्जे में ले लिए हैं। चीफ फार्मासिस्ट सीएल गौतम से उन दवाओं का हिसाब मांगा गया है जो वह दिखा नहीं पाए। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जांच की जा रही है। कुछ अनियमितताएं मिली हैं जिसकी रिपोर्ट डीएम को दे दी गई है।
भाजपा नेता की पैरवी पड़ी भारी
एक सप्ताह पूर्व ही एसीएमओ डा. तन्मय कक्कड़ से ड्रग स्टोर का चार्ज छीन लिया गया था। उनके स्थान पर एसीएमओ डा. आरके गौतम को सीएमओ डा. केपी सिंह ने चार्ज दिया था। इस बदलाव में अपने चहेते एसीएमओ को चार्ज दिलाने के लिए शनिवार को कानपुर के एक भाजपा नेता सीएमओ से पैरवी करने पहुंचे थे। सीएमओ ने मामले की सूचना डीएम को दे दी थी। इस पर डीएम ने तत्काल टीम गठित कर ड्रग स्टोर की जांच के आदेश दे दिए।
बड़ी मात्रा में मिलीं एक्सपायर्ड दवाएं
जांच टीम को बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड दवाएं भी मिली हैं। इन्हेें नॉन एक्सपायर्ड दवाओं के साथ ही रखा गया था। जो दवाएं एक्सपायरी डेट की मिली हैं उनमें आयुर्वेद, होम्योपैथिक दवाएं भी शामिल हैं। जो एक साल पहले ही एक्सपायर्ड हो गई थी। इन दवाओं का वितरण क्यों नहीं कराया गया इसका जवाब स्टोर प्रभारी से मांगा गया है।