उन्नाव। किसानों के लिए छुट्टा मवेशी मुश्किल बने हुए हैं। दिन-रात फसलों की रखवाली से परेशान किसान मवेशियों को कभी पंचायत भवन तो कभी स्कूल या फिर बांस बल्ली लगाकर बनाए गए अस्थायी आश्रय स्थलों में बंद कर रहे हैं। सोमवार को भी कई स्थानों पर किसानों ने मवेशियों को बंद कर दिया।
सफीपुर के लहबरपुर, खरगौरा, मेथीटीकुर, महमूदपुर, जमलदीपुर में पशु आश्रय स्थल बनाए गए हैं। क्षमता के दोगुना पशु होने से काम करने वाले कर्मचारी व गांव वाले अन्य क्षेत्र से पकड़ कर लाए जाने वाले पशुओं पर आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। सोमवार को फाजिलपुर गांव से पशु भरे वाहन रहीमाबाद पहुंचे तो ग्रामीणों ने वाहन रोक दिए। ग्रामीणों ने पशु लदे वाहन क्षेत्रीय विधायक बंबालाल दिवाकर के आवास के पास पहुंचा दिए। एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों ने पुलिस को रहीमाबाद आश्रय स्थल में खड़ा कर देर रात वाहन से मवेशी उतरवाए।
चकलवंशी के सरोसी के बंदाखेड़ा, धौकलखेड़ा, शंकरखेड़ा, पन्नाखेड़ा, किन्ना, खटौली, रुदईखेडा, गुलाबखेड़ा, रयसिंह खेड़ा में किसान छुट्टा मवेशियों से फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं। गांव के देवीप्रसाद, रज्जाक, शिवप्रसाद, ठाकुर प्रसाद, राकेश, बिंदे, झब्बू, रामपाल, रामखेलावन, राजाराम, सुरेश, संतू ने बंदाखेड़ा में एक खाली पड़ी जमीन पर बल्ली लगाकर मवेशियों को बंद कर दिया। खाने के लिए पुआल की व्यवस्था भी की है।
गंजमुरादाबाद सोमवार को ग्रामीणों ने एक सैकड़ा मवेशियों को रतईपुरवा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया। विद्यालय के प्रभारी शिक्षक इंद्र पाल ने इसकी जानकारी एसडीएम को दी। दोपहर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामसच्चे और सचिव रामेश्वर प्रसाद मौके पर पहुंचे और किसानों को मनाने का प्रयास किया। भिखारीपुर पतसिया की गोशाला में ले चलने की अपील की लेकिन किसान कंटेनर मंगाकर उन्हें गांव से दूर ले जाने पर अड़े रहे। एसडीएम अंकित शुक्ला ने बताया कि किसान अपनी जिद पर अड़े रहे तो कार्रवाई की जाएगी।