मेथीटीकुर गांव में खेतों में जलमग्न फसल। संवाद
- फोटो : UNNAO
हसनगंज/चकलवंशी। दो माइनरों की खांदी कटने से खेतों में पानी भर गया। इससे 75 बीघे में बोई गई फसल जलमग्न हो गई। हसनगंज में तो किसी तरह से ग्रामीणों ने खुद खांदी बांध ली लेकिन सफीपुर में शाम तक कोई भी जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा।
सिंचाई खंड लखनऊ से निकली मोहान माइनर की खांदी सूरजखेड़ा के पास कट गई। इससे ऊंचदार गांव के नजदीक के खेतों में पानी भर गया। रामकिशोर, सजीवन व रामकुमार सहित अन्य किसानों की 25 बीघा गेहूं की फसल डूब गई। ग्रामीणों ने अवर अभियंता आदित्य मोहन को सूचना दी। इसके बाद भी कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। ऊंचदार ग्राम प्रधान राज कुमार रावत ने ग्रामीणों को एकत्रित कर कटी खांदी बंधवाने का प्रयास किया। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद खांदी बंध पाई। प्रधान का आरोप है कि सफाई सही तरीके से न होने के कारण खांदी कट गई।
वहीं तहसील सफीपुर क्षेत्र के मेथीटीकुर व रामपुर माइनर की खांदी कटने से 50 बीघा गेहूं व सरसों की फसल जलमग्न हो गई। मेथीटीकुर निवासी रामप्रसाद, महावीर, कमलेश, विनोद, कल्लू, दुर्गा, रामकुमार, रोशनलाल ने बताया कि माइनर में पुलियों के अंदर सिल्ट सफाई नहीं कराई गई। इससे नहर का पानी वापस होकर ओवर फ्लो हुआ और इससे खांदी कट गई। तहसील प्रशासन को सूचना देने के बाद भी शाम तक कोई भी खांदी बांधने नहीं पहुंचा।