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स्कूल में बंद किए छुट्टा मवेशी, जान बचाकर भागे बच्चे

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ग्रामीणों द्वारा उच्च प्राथमिक विद्यालय भदनांग में बंद किए गए मवेशी। संवाद - फोटो : UNNAO
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पुरवा। फसलों की रखवाली करते थके भदनांग के किसानों ने 60 छुट्टा मवेशियों को खदेड़कर उच्च प्राथमिक विद्यालय व पंचायत भवन परिसर में बंद कर दिया। किसानों के मवेशी बंद करने के दौरान स्कूल चल रहा था। मवेशियों को देख बच्चे जान बचाकर भागे। बाद में बीडीओ और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। किसानों को समझाकर मवेशियों को गोशाला भेजा गया।
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गांव भदनांग में छुट्टा मवेशी किसानों के लिए परेशानी का सबब बने हुए थे। फसलों को बचाने के लिए किसान दिन-रात खेत में ही डेरा जमाए हुए थे। किसानों का धैर्य बुधवार सुबह जवाब दे गया। किसानों ने एकत्रित होकर मवेशियों को खदेड़ा और ले जाकर उच्च प्राथमिक विद्यालय व पंचायत भवन में बंद कर दिया। उस समय स्कूल चल रहा था। कक्षों में 100 बच्चे मौजूद थे। मवेशियों को देख बच्चे जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। किसानों ने आरोप लगाया कि गोशाला बनी है। इसमें दिखानेे के लिए मवेशी दिन में तो बंद कर दिए जाते हैं लेकिन रात में निकल जाते हैं। गोशाला में मवेशियों की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। इससे उन लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रधान शिक्षक सुनील पाल ने अंदर मवेशी बंद देखे तो बीईओ व प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी।
बीडीओ संतोष श्रीवास्तव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत की। लोगों ने मवेशियों को गोशाला में संरक्षित कराने की बात कही। बीडीओ ने आश्वासन दिया कि गोशाला को सुचारु रूप से चलाया जाएगा। इसमें कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। इसके बाद किसानों की सहमति से 60 मवेशियों को गोशाला में शिफ्ट कराया। बीडीओ ने बताया कि दो कर्मियों को गोशाला की बंद किए गए मवेशियों की निगरानी में लगाया गया है। अभी गोशाला में खाई नहीं है। इसके लिए पिलर व तार लगवाए जाएंगे। रात को तीन सफाईकर्मी गोशाला में रहेंगे।
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प्रधान इंचार्ज शिक्षक संतोष पाल ने बताया कि बुधवार सुबह विद्यालय चल रहा था। सौ बच्चे आए थे और कक्ष में पढ़ रहे थे। अचानक 10.30 बजे मवेशियों को लाकर किसानों ने विद्यालय परिसर में ही रोक दिया। इससे बच्चे इधर-उधर भागने लगे। प्रधान शिक्षक ने बताया कि जनवरी 2019 से विद्यालय की चाहरदीवारी पूर्ण नहीं है। गेट तक नहीं लगा है। प्रधान दयाराम यादव ने बताया कि गोशाला में पुरानी खाई बनी थी। बरसात में मिट्टी बह गई है। उससे जानवर निकल जाते हैं। इसके पूर्व भी 11 सितंबर 2019 को भी किसानों ने एक सैकड़ा मवेशियों को इसी विद्यालय में बंद कर दिया था।
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