अचलगंज कस्बे में बंद दुकानें। संवाद
- फोटो : UNNAO
अचलगंज। नवगठित नगर पंचायत अचलगंज का नाम बदलकर कवि पं. गया प्रसाद शुक्ल सनेही के नाम पर सनेही नगर किए जाने को लेकर कस्बे के लोगों में नाराजगी है। विरोध में कस्बे के दुकानदारों ने दुकानें बंद रखीं। कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
अचलगंज, हड़हा, कांटी व लोहचा को मिला कर बन रही नगर पंचायत के नाम को लेकर शुरू से ही विवाद चल रहा है। विधानसभा की याचिका समिति में अचलगंज निवासी आनंद अवस्थी व अन्य लोगों ने नगर पंचायत का नाम कवि पं. गया प्रसाद शुक्ल सनेही के नाम पर सनेही नगर करने की मांग की गई थी। शासन द्वारा मांगी गई आख्या में अधिशासी अधिकारी ने अनापत्ति सहित संस्तुति भेज दी थी। इसकी जानकारी होने पर बुधवार शाम कस्बे के लोगों ने एक बैठक की और अचलगंज का नाम बरकरार रखने के लिए आंदोलन करने की योजना तैयार की। गुरुवार को व्यापारियों ने सुबह से ही अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे। जिला मुख्यालय पहुंचकर एक सैकड़ा लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि कस्बे के दो सौ व्यापारी अचलगंज नाम से जीएसटी के माध्यम से टैक्स भरते हैं। यदि नाम बदल गया तो दो सौ वर्षों पूर्व राजा अचल सिंह द्वारा बसाए गए कस्बे का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। ज्ञापन देने वालों में पप्पू गुप्ता, राजीव वर्मा, शिवदास गुप्ता, विष्णु, आशीष, अनुराग, राजू पांडेय, मोंटी गुप्ता, भोलई गुप्ता, विनय गुप्ता, विनोद गुप्ता, राजन त्रिवेदी, अनुराग त्रिवेदी व राजन शुक्ल शामिल रहे।
नगर पंचायत का नाम सनेही नगर रखने को लेकर उनके पैतृक गांव हड़हा के लोगों ने भी आंदोलन का मन बना लिया है। गुरुवार को हड़हा स्थित सनेही स्मारक पर बैठक करके आगामी रूपरेखा बनाई गई। इसमें शुक्रवार को हड़हा में भी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करके सनेही प्रतिमा के सामने सामूहिक उपवास रखने की योजना बनाई गई। बैठक में शामिल शीलू शुक्ल, मयंक बाजपेई, शाहबुद्दीन, संजू मिश्र ने कहा कि एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व राष्ट्र कवि के नाम को अमर रखने के लिए नगर पंचायत का नामकरण सनेही नगर रखने का निर्णय उचित है।