जिला अस्पताल परिसर में भूमिगत पाइप लाइन सही कराते सीएमएस डॉ. पवन कुमार। संवाद
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उन्नाव। जिला अस्पताल में जलापूर्ति के लिए पड़ी भूमिगत पाइप लाइन कई जगह से फट गई। इससे टंकियों तक पानी नहीं पहुंच सका। पानी न आने से मरीज व तीमारदार और स्वास्थ्य कर्मी दो दिन से परेशान हैं। दो दिन से बिना डायलिसिस कराए ही मरीजों को लौटना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में जलापूर्ति के लिए पड़ी भूमिगत पाइप लाइन आयुष विभाग से लेकर दवा स्टोर तक के हिस्से में बुधवार सुबह कई जगह से फट गई थी। सीएमएस ने उसे उसे सही कराया था। कुछ देर चलने के बाद फिर दूसरी जगह लीकेज शुरू हो गया। इससे वार्ड नंबर एक, दो के साथ ओपीडी कक्ष व डायलिसिस यूनिट में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। वार्ड में भर्ती मरीज व उनके तीमारदारों को पानी के लिए तरसना पड़ा। स्थिति यह रही कि पीने के पानी के लिए उन्हें बाहर से बोतलें खरीदनी पड़ीं। कुछ तीमारदार महिला अस्पताल से पानी लेकर आए। डायलिसिस यूनिट में पानी न आने से मरीज पाइप लाइन बनने का इंतजार करते रहे लेकिन पानी की व्यवस्था न हो पाने से उसे उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। गुरुवार को भी यही स्थिति रही। सीएमएस ने पाइप लाइन मरम्मत के लिए सुबह से ही प्लबंर लगा दिए। पूरी पाइप लाइन खोदी गई। उसके बाद उसे सही कराने काम शुरू हुआ। गुरुवार देर शाम तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी।
सीएमएसए डॉ. पवन कुमार ने बताया कि पाइप लाइन फट जाने से पानी की दिक्कत आई है। उसे सही कराने के प्रयास जारी हैं। उम्मीद है कि शुक्रवार को डायलिसिस सेवा भी शुरू कर दी जाएगी।