फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राष्ट्रपति की ट्रेन के लिए रेलवे क्रासिंग एक घंटे बंद, जाम

विज्ञापन
विज्ञापन
उन्नाव। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लेकर कानपुर से लखनऊ के लिए निकली प्रेसीडेंसियल ट्रेन निकालने के लिए शुक्लागंज की सरैया रेलवे क्रासिंग को 35 मिनट और सोनिक रेलवे क्रासिंग को एक घंटे बंद रखा गया। इससे सरैया में करीब आठ सौ और सोनिक में सवा सौ वाहन एक घंटे तक जाम में फंसे रहे। कड़ी धूप में एक घंटे तक लगे जाम से लोग परेशान रहे।
विज्ञापन

उन्नाव-कानपुर गंगा बैराज मार्ग स्थित सरैया रेलवे क्रासिंग को सुबह 10:15 बजे बंद करा दिया गया। इससे वाहनों का आवागमन ठप हो गया। प्रेसीडेंसियल ट्रेन गुजरने पर 10:45 बजे क्रासिंग खोली गई। इस दौरान क्रासिंग के दोनों तरफ मरहला चौराहा व बैराज की तरफ एक किमी लंबा जाम लगने से करीब आठ सौ छोटे-बड़े वाहन फंसे रहे। एक घंटे बाद यातायात सामान्य हो पाया। प्रेसीडेंसियल ट्रेन के कानपुर स्टेशन से रवाना होते ही सुबह 10.20 बजे सोनिक क्रासिंग को बंद कर दिया गया। क्रासिंग के पास यातायात, जीआरपी, आरपीएफ जवान तैनात कर दिए गए। इस दौरान पहुुंचे साइकिल, बाइक सवार व पैदल जा रहे लोगों को भी क्रासिंग से 100 मीटर दूर रोक दिया गया। लोग तेज धूप में खड़े होकर क्रासिंग खुलने का इंतजार करते रहे। राष्ट्रपति की ट्रेन गुजरने पर 11:20 बजे क्रासिंग खोली गई। एक घंटे तक क्रासिंग बंद रहने से आवागमन प्रभावित रहा। करीब सवा सौ वाहन फंसे रहे। अजगैन क्रासिंग को जाने वाले मार्ग को लखनऊ-कानपुर मोड़ पर ही बैरियर लगाकर बंद कर दिया गया। इससे ट्रक व अन्य भारी वाहन हाईवे किनारे खड़े रहे।
प्रेसीडेंसियल ट्रेन गुजरने से पहले जिले की सीमा पर दोनों तरफ व्यवधान आने से अफसरों के पसीने छूट गए। जैतीपुर रेलवे क्रासिंग पर गिट्टी लदा ट्रक फंस गया। इससे प्रेसीडेंसियल ट्रेन के आगे चल रही पायलट ट्रेन की रफ्तार उन्नाव और सोनिक के बीच 70 से घटाकर 20 किमी प्रति घंटा करनी पड़ी। गनीमत रही कि ट्रक को समय रहते हटा लिया गया। उधर, गंगाघाट रेलवे स्टेशन के पास एक रेलवे फाटक खराब हो गया।
विज्ञापन

राष्ट्रपति की प्रेसीडेंसियल ट्रेन ने कानपुर से लखनऊ तक का सफर निर्धारित समय पर पूरा किया। रेलवे क्रासिंग नंबर 17 पर खराब हुए ट्रक के चालक के खिलाफ रेल अधिनियम के तहत आरपीएफ कार्रवाई कर रहा है। आमतौर पर ऐसी दिक्कत ओवरलोडिंग की वजह से होती है। इसलिए वाहन के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

-अजीत सिन्हा, उत्तर रेलवे के डीआरएम के पीआरओ
-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें