उन्नाव। सरकारी गेहूं खरीद की अंतिम तारीख 15 जून के एक दिन पहले सोमवार को ही कई केंद्रों पर अघोषित रूप से खरीदारी बंद कर दी गई। किसान गेहूं लदी ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर केंद्रों पर खरीदारी की उम्मीद में डेरा डाले हैं। खरीद की तारीख न बढ़ने पर किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। घूरखेत क्रय केंद्र पर ताला लटकता देख किसानों ने हंगामा किया। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी यूपी सिंह का कहना है कि प्रतिदिन प्रत्येक केंद्र पर 350 क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य है। इसी लक्ष्य के अनुसार मंगलवार को भी खरीद जारी रहेगी। किसानों टोकन पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं।
बीघापुर विकासखंड मुख्यालय परिसर में संचालित पीसीएफ क्रय केंद्र में पिछले एक सप्ताह से किसान गेहूं बेचने के लिए दिन रात डेरा जमाए हुए हैं। एक तरफ मानसून और दूसरी तरफ खरीद की अंतिम तारीख मंगलवार को होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। केंद्र पर लगभग 20 ट्रालियां खड़ी हैं। बरसात से बचाने के लिए किसानों ने ट्रालियों को तिरपाल से ढक रखा है। केंद्र प्रभारी राकेश कुमार का कहना है कि आखिरी दिन 600 क्विंटल खरीदारी के आदेश हैं। यही स्थिति भगवंतनगर में विपणन शाखा की भी है। यहां पर 29 गेहूं भरी ट्रालियां खड़ी हैं। पाटन केंद्र बंद मिला। बांगरमऊ मंडी परिसर में खुले चार केंद्रों पर सोमवार को खरीद बंद रही। यहां पर 25 ट्रालियां खड़ी रहीं।
विकासखंड सिकंदरपुर कर्ण के कांटी स्थित पीसीएफ गोदाम में सोमवार को भी दो दर्जन गेहूं लदी ट्रालियां खड़ी रहीं। महीनों पहले रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद भी किसान गेहूं नहीं बेच पाए। सोमवार को भी कई किसान रात से ही अपनी ट्रालियां लेकर खड़े नजर आए। खुटहा नौगवां निवासी हरिकिशोर पांडेय ने बताया कि काफी दिनों से चक्कर काटने के बाद आज जब गेहूं लेकर आए तो अधिकारी बहाना बना रहे। रविवार शाम से ट्राली लिए खड़े रहे। जोजापुर निवासी जगत यादव भी एक ट्राली गेहूं बेचने के लिए केंद्र प्रभारी के हाथ जोड़ते नजर आए। धन्नीपुर निवासी ललित अग्निहोत्री, दिनेश तिवारी, गंगाभजन ने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था लेकिन केंद्र प्रभारी ने गेहूं नहीं लिया। केंद्र प्रभारी रुचिका प्रजापति ने बताया कि जिन किसानों की ट्रालियां खड़ी हैं, उन्हें खरीद का टोकन दे दिया गया है। उनका गेहूं खरीदा जाएगा।
पीसीएफ द्वारा संचालित घूरखेत क्रय केंद्र पर एक माह से गेहूं न खरीदे जाने पर सोमवार को किसान आक्रोशित हो गए। केंद्र पर ताला लटकता देख हंगामा किया। मौके पर प्रभारी सहित कोई कर्मचारी मौके पर न मिलने पर किसानों ने आमरण अनशन की चेतावनी दी है। बड़ौरा गांव के दीवांग तिवारी, पटनहनखेड़ा के दीपू तिवारी, बाबाखेड़ा की महिला किसान राजवती व श्यामू यादव ने बताया 10 मई को पंजीयन कराने के बाद लगातार केंद्र के चक्कर लगा रहा हूं। आज तक गेहूं नहीं खरीदा गया। किसानों का आरोप है प्रभारी फोन नहीं उठाते हैं। चेतावनी दी है मंगलवार को यदि खरीद नहीं की गई तो केंद्र के बाहर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। प्रभारी सोनू ने बताया कि बोरे कम होने पर लेने गए था। इसलिए केंद्र नहीं खुला था।