उन्नाव। कोरोना फ्रंटलाइन वर्करों की मृत्यु पर आश्रितों को 50 लाख की आर्थिक मदद की समय सीमा, वर्करों को प्रोत्साहन राशि और टीकाकरण में प्राथमिकता सहित अन्य मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर कर्मचारियों ने जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी-पीएचसी पर शासनदेश की प्रतियां जलाईं। सभी ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।
जिला अस्पताल परिसर में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष एसपी सिंह ने कहा कि सरकार कोरोना से मृत कर्मचारियों को 50-50 लाख रुपये देने की बात तो कह रही है, लेकिन समय तय नहीं है। स्वास्थ्य कर्मी फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में काम कर रहे हैं। वह रोजाना घर आते और जाते हैं। इससे उन्हें व परिवारीजनों को संक्रमण का खतरा भी बना रहता है। स्वास्थ्य कर्मियों व उनके परिवार के सदस्यों का टीकाकरण प्राथमिकता से कराया जाए। कोरोना ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों का प्रोत्साहन बढ़ाने के लिए सरकार उन्हें प्रोत्साहन राशि दे। महामंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि मांगों पर विचार न हुआ तो कर्मचारी उग्र प्रदर्शन करेंगे। हाथ में काली पट्टी बांधकर दोपहर तक ड्यूटी करने के बाद कर्मचारी जिला अस्पताल परिसर में एकत्र हुए। शासनादेश की प्रतियां जलाकर प्रतीकात्मक विरोध किया। संरक्षक अशोक सिंह, शिशिर वर्मा, रामेशचंद्र उपाध्याय, डॉ. अनिल त्रिपाठी, जेपी दीक्षित, अनिल गौतम, राजबाला, दिनेश पटेल, गीता सिंह, मंजू देवी, अशोक कुमार मौजूद रहे।