बारासगवर। श्मशान घाटों पर शवों का दाह संस्कार करने पर जोर दे रहा प्रशासन लकड़ी का रेट तय नहीं करा पाया। सख्ती के बावजूद घाटों पर लकड़ी के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी विक्रेताओं ने लकड़ी की रेट लिस्ट नहीं लगाई है।
बक्सर घाट का निरीक्षण करने के दौरान पांच दिन पहले डीएम रवींद्र कुमार ने श्मशान घाट पर लकड़ी बेचने वाले दुकानदारों को निर्देश दिए थे कि वह दाह संस्कार के लिए प्रयोग होने वाली लकड़ी का न्यूनतम मूल्य तय कर दें। कहा गया था कि 450 रुपये प्रति क्विंटल की दर उचित रहेगी। इस दौरान उन्होंने लकड़ी के रेट की लिस्ट दुकान (लकड़ी के टॉल) के बाहर लगाने के निर्देश दिए थे। बक्सर घाट पर विक्रेता मनमानी कीमत ले रहे हैं। हालांकि शव दफनाने पर पाबंदी की जानकारी होने पर कुछ लोग अंतिम संस्कार करने के लिए लकड़ी साथ लेकर श्मशान घाट पहुंच रहे हैं। लोगों ने बताया कि सात सौ रुपये प्रति क्विंटल दाम से शुरुआत करने वाले छह सौ रुपये तक में लकड़ी दे रहे हैं। बक्सर घाट पर शवों के दफनाने पर रोक लगाए जाने के बाद लोग छोटे घाटों पर पहुंच रहे हैं। नदी के किनारे शवों का दाह और दफन कर संस्कार कर रहे हैं। बीघापुर क्षेत्र के लोगों ने बताया कि गढ़ेवा, पचासा सहित अन्य छोटे घाटों पर ज्यादा लोग पहुंच रहे हैं।
कोरोना संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन ने चार दिन पहले बीघापुर के बक्सर घाट पर मुख्य श्मशान घाट से सौ मीटर दूर स्थान चिह्नित किया था। चार दिन में यहां एक भी शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। माना जा रहा है कि लोग झंझट से बचने के लिए कोरोना से मौत होने की जानकारी नहीं देेते या फिर दूसरे स्थानों पर शवों का दाह संस्कार या दफना कर अंतिम संस्कार कर रहे हैं।