उन्नाव। जिले के एसएनसीयू में नवाजतों की जा रही जान बचाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को पत्र लिखकर वेंटिलेटर उपलब्ध कराने को कहा है। पिछले तीन महीने में यहां 30 नवजातों की मौत हुई है। गंभीर हालत में 27 को रेफर किया गया था। एसएनसीयू में वेंटिलेटर न होने से कुपोषित और कमजोर नवजात की देखभाल ठीक से नहीं हो पा रही है।
निमोनिया, हृदय रोग, कुपोषित व कमजोर बच्चों के अलावा संक्रमण से बीमार नवजात बच्चों को वार्मर मशीन व वेंटिलेटर सहित खास देखभाल के लिए जिला महिला अस्पताल में पांच साल से एसएनसीयू स्थापित है। यहां वार्मर मशीन व ऑक्सीजन की व्यवस्था तो है लेकिन अब तक वेंटिलेटर की व्यवस्था नहीं हो पाई। इससे अक्सर नवजात की मौत हो रहीं हैं या फिर जरा सी हालत बिगड़ने पर उन्हें रेफर कर दिया जाता है। तीन महीने में 261 नवजातों को भर्ती किया गया। इनमें 30 की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
27 नवजात की हालत गंभीर होते ही कानपुर हैलट या लखनऊ केजीएमसी रेफर कर दिया गया था। 13 जनवरी के अंक में अमर उजाला में इस समस्या को प्राथमिकता से प्रकाशित किया था। भाजपा जिला उपाध्यक्ष आनंद अवस्थी ने इस समस्या को जानकारी विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को दी। विधान सभा अध्यक्ष ने प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि दस साल बाद भी वेंटिलेटर की व्यवस्था न होने से नवजातों की मौत हो रही है और गंभीर मरीज रेफर हो रहे हैं। इसे देखते हुए यह व्यवस्था जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए।