जिला महिला अस्पताल की गैलरी में बैठे मरीज।
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उन्नाव। जिला महिला अस्पताल में जांच के लिए लगी सलेक्ट्रा जांच मशीन को सही करने के लिए तीसरे दिन लखनऊ से इंजीनियर नहीं आ सके। महिलाएं व प्रसूता जांच के लिए भटकती रहीं। सीएमएस ने मंगलवार से जांच शुरू होने की बात कहकर सभी को वापस कराया।
जिला महिला अस्पताल की पैथोलॉजी में गर्भवती महिलाओं की एलएफटी (लीवर फंक्शन टेस्ट), केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट), लिपिड व शुगर की जांच के लिए लगी सलेक्ट्रा मशीन तीन दिन पहले खराब हो गई थी। इस मशीन से रोजाना 50 से 60 महिलाओं की जांच के लिए सैंपल लिए जाते हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने दो दिन तो मरीजों को यह कहकर वापस कर दिया कि सुबह ग्यारह बजे के बाद जांच नहीं की जा रही है। इससे जांच कराने आए लोग वापस लौट गए। शनिवार को कुछ महिलाओं को जब जांच मशीन खराब होने की जानकारी हुई तो उनसे सोमवार तक मशीन बन जाने की बात कही गई। सोमवार को कुछ महिलाएं जांच करार्ने आईं तो उन्हें बताया कि गया कि लखनऊ से इंजीनियर आ रहे हैं। देर शाम तक मशीन बनने के बाद मंगलवार से जांच शुरू हो जाएगी। जांच न होने से तीसरे दिन भी महिलाओं को वापस लौटना पड़ा। सीएमएस डॉ. अंजू दुबे ने बताया कि मंगलवार से जांच शुरू हो जाएगी।
सीएचसी में दो मशीनें सालों से खराब
पुरवा। स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की जांच के लिए लगवाई गई सलेक्ट्रा जांच मशीन व कंप्लीट ब्लड काउंट मशीन दो साल से खराब पड़ी है। स्वास्थ्य केंद्र में जांच न होने से बाहर की पैैथोलॉजी में मरीज जांच कराने को मजबूर हैं।
2018 में सलेक्ट्रा जांच मशीन व कंप्लीट ब्लड काउंट मशीन लगवाई गई थी। इन मशीनों से किडनी, शुगर, कोलोस्ट्राल, अर्थराइट्स व सीबीसी की जांच होने लगी थी। तीन महीने तक इन मशीनों से जांच हुई। उसके बाद से मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि मशीन के संचालन के लिए केमिकल व अन्य सामग्री के लिए कई बार उच्चाधिकारी को पत्र भेजा गया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।