नवाबगंज। पूर्व मुख्य विकास अधिकारी छुट्टी पर क्या गईं अन्य मातहतों ने उनके गोद लिए गांवों की ओर देखना भी मुनासिब नहीं समझा। परिणाम यह हुआ कि ओलावृष्टि और बारिश से गोद लिए गांवों के किसान कराहते रहे लेकिन कोई भी अफसर गांव जाने का समय नहीं निकाल सका। अधिकारियों की छोड़िए जन प्रतिनिधिओं ने भी किसानों से मुंह मोड़ रखा है।
शासन के आदेश पर पूर्व सीडीओ नेहा शर्मा ने राज्य पोषण मिशन के तहत नवाबगंज विकासखंड के आशाखेड़ा व केवाना ग्राम पंचायतों को गोद लिया था। इन दोनों गांवों में कुपोषित बच्चों की संख्या ज्यादा थी। सीडीओ द्वारा गोद लेने के पीछे मंशा थी कि वह इन गांवों पर विशेष नजर रखेंगी।
समय-समय पर गांव का दौरा करेंगी और कुपोषित बच्चों और गर्भवतियोें को नियमानुसार पोषाहार मिल रहा है इसकी जानकारी करेंगी। हालांकि जिलास्तरीय अधिकारी के गांव गोद लेने से यहां के ग्रामीणों मेें इस बात का विश्वास जगा था कि सुख-दुख में अधिकारी गांव आएंगे और उनके दुख-दर्द को सुनकर निवारण करेंगे। लेकिन अन्नदाता की उम्मीदें धूमिल हो गईं, प्रकृति की मार के करीब एक माह बाद भी कोई अधिकारी गांव नहीं पहुंचा।
यहां गौर करने वाली बात यह है कि पूर्व सीडीओ नेहा शर्मा 15 मार्च को छुट्टी पर चली गई थीं। जिला विकास अधिकारी को पास सीडीओ का चार्ज था। ओलावृष्टि व बारिश को भी एक माह बीत चुके हैं लेकिन आज तक गांव में कोई भी अफसर झांकने तक नहीं पहुंचा।
नेहा शर्मा की तो बात छोड़िए, प्रभारी सीडीओ भी एक दिन का समय नहीं निकाल सके। प्रकृति की मार से बेहाल किसान अफसरों की इस उदासीनता से खून के आंसू रोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों के न आने से गांव में आज तक लेखपाल भी नहीं पहुंचा है। इससे किसानों के नुकसान का आकलन भी नहीं हो पाया है।