बीघापुर (उन्नाव)। डौंडियाखेड़ा से रायबरेली के खजूर गांव तक 27 किमी लंबी शारदा नहर की सिल्ट सफाई के नाम पर खेल किया गया। नहर तो साफ नहीं हुई, लेकिन सफाई का 27.50 लाख का बजट जरूर साफ हो गया। इसके चलते चौधरी चरण सिंह डलमऊ बी पंप कैनाल परियोजना से जलापूर्ति की टेस्टिंग शुरू होने के तीसरे ही दिन गुरुवार सुबह पांच बजे टंडसपुर के सामने नहर की खांदी कट गई। बहाव तेज होने से नहर के पानी से डामर सर्विस रोड भी बह गई। इससे एक तरफ करीब तीन सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई। वहीं सड़क बहने से चार गांवों के लोगों का आवागमन ठप हो गया। किसानों ने डौंडियाखेड़ा पहुंचकर नहर बंद कराई। वहीं देर शाम एक्सईएन ने पहुंचकर खांदी व सड़क की मरम्मत शुरू कराई।
दिसंबर 2024 में डौंडियाखेड़ा से रायबरेली सीमा के खजूर गांव के बीच शारदा नहर की सिल्ट सफाई कराई गई थी। इस पर 27.50 लाख का खर्च किया गया था। नहर जनपद सीमा में नौ किमी और करीब 18.50 किमी रायबरेली में है।भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के मंडल महामंत्री राजू सिंह का कहना है कि ठेकेदार ने सफाई के दौरान सिल्ट बाहर नहीं निकाली। बल्कि नहर में ही किनारे पर लगा दिया। उन्होंने बताया कि नहर की चौड़ाई करीब 3.5 मीटर है। जबकि ठेकेदार ने एक मीटर में सिल्ट किनारे पर लगा दी थी। ऐसे में नहर की चौड़ाई मात्र 2.5 मीटर बची थी। 76 करोड़ की परियोजना डलमऊ बी पंप कैनाल का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मंगलवार से टेस्टिंग कार्य शुरू हुआ था। पहले दिन दो पंप के माध्यम से 120 क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा गया था। बुधवार शाम को तीसरा पंप चालू किया गया। इससे 180 क्यूसेक पानी नहर में पहुंचने लगा। इसी बीच टंडसपुर के पास नहर की सफाई होने से पानी आगे नहीं बढ़ सका और ओवरफ्लो होने से नहर में खांदी कट गई और पानी तेजी से आगे बढ़ने लगा। पानी का बहाव काफी तेज था। इससे टंडसपुर से मनीखेड़ा को गई नहर किनारे की सर्विस डॉमर रोड भी बह गई। पानी इधर, उधर के खेतों में जाकर भर गया। करीब तीन सौ बीघे में पानी भर जाने से किसानों की फसलें जलमग्न हो गईं। बाद में खेत पहुंचे किसानों ने जब फसलों में पानी भरा देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन फानन किसानों ने डौंडियाखेड़ा जाकर पंप बंद कराया। देरशाम एक्सईएन उन्नाव खंड शारदा नहर गगन शुक्ला ने मौके का निरीक्षण किया और खांदी के साथ रोड की मरम्मत शुरू कराई।
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रुकुमपुर के किसानों की भी फसलें जलमग्न हुईं
नहर कटान से टंडसपुर के साथ रुकुमपुर के किसान भी प्रभावित हुए। रुकुमपुर गांव के किसान सतीश लोधी, रामखेलावन, नारायण पांडे, नेपाल लोधी के खेतों में बोई गई फसलों में भी पानी भर गया। मनीखेड़ा प्रधान प्रतिनिधि पंकज सिंह ने बताया कि नहर के अचानक सुबह नहर कटने से धान के अलावा अन्य बोई गई फसलों को काफी नुकसान हुआ है। टंडसपुर के किसान जय करण सिंह, कन्हई पासी, मनी सिंह, गुड्डू सिंह, राजू कुशवाहा आदि ने कहा कि नहर की क्षमता तीन सौ क्यूसेक है। जब नहर पूरी क्षमता के साथ चलेगी तो क्या हाल होगा, यह सोचकर ही डर लगता है। उधर, रोड कटने से लखेड़ा, मनीखेड़ा, रुकुमपुर, टंडसपुर गांवों के ग्रामीणों का आवागमन भी बंद हो गया है। करीब पांच हजार की आबादी प्रभावित हुई।
काफी समय बाद नहर में पानी पहुंचा है। हो सकता है कहीं पर सिल्ट आदि जमा हो, इसी कारण पानी ओवरफ्लो हुआ हो। वैसे भी अभी टेस्टिंग ही चल रही है। इस दौरान जो भी समस्या आएगी, उसे दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। वह मौके पर निरीक्षण के लिए जा रहे हैं। नहर के साथ रोड की भी मरम्मत कराई जाएगी। साथ ही नहर सफाई की भी जांच कराई जाएगी।
गगन कुमार शुक्ला, एक्सईएन उन्नाव नहर शारदा खंड