गंजमुरादाबाद ब्लाक के मुर्तजापुर गांव में ज्ञानेंद्र प्रताप के बेटे सुधांशु (15) करीब एक सप्ताह से बुखार से परेशान था। कोई लाभ न होने पर परिजनों ने उसे कानपुर के एक नर्सिंगहोम मे भर्ती कराया। जहां जांच में सुधांशु को डेंगू होने की पुष्टि हुई।
दो दिन बाद उसकी बड़ी बहन आकांक्षा (17) भी बीमार हो गई।! जांच कराई गई तो उसमें भी डेंगू के लक्षण मिले। इन दोनों भाई-बहन का इलाज चल रहा है। मालूम हो कि चार दिन पहले बरौकी मे आलोक (12) पुत्र रामनरेश यादव की उपचार के दौरान कानपुर के एक नर्सिंगहोम में मौत हो गई थी।
ग्राम अकबरापुर में नारेंद्र की भी मौत सोमवार को उपचार के दौरान लखनऊ के ऐरा हास्पिटल में हो गई थी।
पोहपीखेड़ा में 90, बरौंकी में मिले 22 बुखार रोगी
गंजमुरादाबाद। ब्लाकक्षेत्र के दो गांवों मे डेंगू और वायरल फीवर से एक सप्ताह में पांच लोगों की मौत होने के बाद बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की तीन टीमों ने कैंप कर मरीजों का इलाज किया। पोहपीखेड़ा गांव में 90 और बरौंकी गांव में 22 मरीजों के खून के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया।
मालूम हो कि गंजमुरादाबाद ब्लाक के बरौकी मे एक सप्ताह में बुखार से आलोक, महादेव और घुरई की मौत हो गई। जबकि महमदाबाद में किशोरी कोमल और गंजमुरादाबाद के मोहल्ला नटपुरवा मे किशोरी काजल की मौत हो चुकी है।
बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम महमदाबाद, बरौंकी और आशायस के मजरा पोहपीखेड़ा पहुंचीं। टीम ने बुखार से पीड़ित लोगों को दवाएं दीं। बरौंकी में 22 मरीजों की स्लाइड बनाई गई। महमदाबाद गांव में भी दो दर्जन बुखार रोगी मिले।
स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. संजीव वर्मा ने बताया कि इस समय मौसम के बदलाव के कारण वायरल फीवर बढ़ा है। हर गांव मे दो-चार मरीज मिल रहे हैं।
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