लगभग माहभर से लापता अधेड़ का शव शुक्रवार को पुलिस ने गांव में रहने वाली एक महिला दोस्त के घर से बरामद किया। हाथ-पैर बांधकर, धारदार हथियारों से हत्या करने के बाद शव को करीब छह फीट गहरे गड्ढे में दफनाया गया था। पुलिस ने महिला के घर की दलान में जेसीबी से खुदाई कराई तब शव मिला। पुलिस प्रेम प्रसंग में हत्या की बात कह रही है। पुलिस ने महिला व दो अज्ञात युवकों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी महिला फरार है। एसपी ने थानाध्यक्ष को चौबीस घंटे में घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए हैं। घटना असोहा थानाक्षेत्र के जोरावरगंज गांव की है।
गांव निवासी पन्नूलाल बाजपेई (43) पुत्र बृजमोहन घर में अकेला रहता था। पिता से अनबन के चलते बेटा मोनू काफी समय से अपनी ससुराल भवलिया में रहता है। पन्नूलाल की पत्नी कमला की मौत हो चुकी है। पन्नूलाल का इसी गांव की हत्यारोपी लइकुननिशा पत्नी कल्लू के यहां काफी दिनों से आना-जाना था। दंपति के चार बेटे हैं। कल्लू लखनऊ में प्राइवेट कंपनी में काम करता है। चार-छह महीने में घर आता है। दो बेटे कुवैत में है और दो ड्राइवरी करते हैं। वे भी बीच-बीच में गांव आते-जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक 27 फरवरी को पुन्नू व लईकुन निशा को एक साथ गांव के बाहर जाते देखा गया था।
करीब हफ्तेभर बाद लइकुन तो आ गई, लेकिन पन्नूलाल नहीं लौटा। अनहोनी की आशंका पर ग्रामीणों ने गांव में ही रहने वाले पन्नूलाल के भाई सज्जनलाल और बेटे मोनू को सूचना दी। मोनू गांव पहुंचा और 17 मार्च को असोहा थाने में पिता की गुमशुदगी की तहरीर दी। पुलिस उसकी खोजबीन कर रही थी। इसी बीच कुछ लोगों ने महिला के घर की दलान में गड्ढा खोदे जाने के निशान देखे। बेटे ने पिता की हत्या की आशंका जताई। पुलिस ने महिला के घर में छानबीन शुरू की। शुक्रवार सुबह पुलिस ने जेसीबी से घर में गड्ढा खोदवाया तो करीब छह फीट नीचे पॉलीथिन में लिपटा हुआ पन्नूलाल का शव मिला।
हाथ पैर रस्सी से बंधे थे। किसी धारदार हथियार से हत्या किए जाने के निशान भी मिले हैं। सूचना मिलने पर एसपी नेहा पांडेय, एएसपी आरएस गौतम टीम के साथ पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक व महिला के परिजनों से भी अलग-अलग पूछताछ की। एसपी ने असोहा थानाध्यक्ष जेएन सिंह को चौबीस घंटे में आरोपी महिला को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए हैं। एएसपी रामसेवक गौतम ने बताया कि मामला प्रेम प्रसंग का है। साथ ही मृतक ने कुछ माह पूर्व अपनी बेशकीमती जमीन भी बेची थी। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जिस महिला के घर में शव बरामद हुआ है, वह फरार है। महिला का पति कल्लू लखनऊ में रहता है। जांच चल रही है, जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
बेशकीमती जमीन भी बेच दी थी
मृतक पन्नूलाल व लईकुननिशा के बीच कई वर्षों से संबध थे। मृतक पन्नू ने अपनी तीन बीघे जमीन बेच दी थी। क्षेत्र लखनऊ से नजदीक होने के कारण यहां जमीन की कीमत भी पंद्रह से बीस लाख रुपये बीघा है। बेची गई रकम से ही पन्नू ने लइकुननिशा का घर भी पक्का बनवा दिया था। दोनों अक्सर कई-कई दिनों के लिए साथ घूमने भी जाते थे।
सामने आई पुलिस सुस्ती
बेटे ने पिता की गुमशुदगी तहरीर दी और बाद में लइकुन निशा व घटना के दिन महिला के साथ देखे गए दो अज्ञात युवकों पर पिता की हत्या किए जाने की आशंका भी जताई थी लेकिन पुलिस सुस्त रही। थाना पुलिस की ओर से कार्रवाई न किए जाने पर मोनू ने तीन दिन पहले एसपी नेहा पांडेय को प्रार्थनापत्र देकर घटना की जानकारी दी। मामला संज्ञान में आने पर एसपी ने एसओ को जांच और बताए जा रहे स्थान पर खुदाई कराने को कहा। थाना पुलिस गुरुवार को मौके पर गई और दो मजदूरों को बुलाकर इधरउधर तलाश भी कराई लेकिन कहीं पता नहीं चला। शुक्रवार को मृतक के परिजनों ने जेसीबी की व्यवस्था की और एसओ को सूचना देकर बुलाया। जेसीबी से खुदाई के बाद शव मिल गया।
मृतक का साथी व मोबाइल पुलिस के कब्जे में
पन्नूलाल की हत्या के बाद जब बेटे मोनू ने एसपी नेहा पांडेय को शिकायती पत्र दिया तब पुलिस ने पन्नू के जिगरी दोस्त मंगू कुरील को हिरासत में लिया था और उससे पूछताछ शुरू की थी। ग्रामीणों के अनुसार गांव में ही रहने वाला मंगू, पुन्नू के बचपन का दोस्त था। वह दोनों अधिकांश समय साथ ही रहते थे। पुरवा कोतवाली क्षेत्र के ऊंचगांव सानी निवासी लइकुननिशा के बहनोई चांद अली का भी लैकुननिशा के घर आना-जाना था। इसे लेकर पन्नू और चांदअली के बीच विवाद भी हुआ था। शुक्त्रस्वार को पन्नू का शव मिलने के बाद मन्नू को उठा लिया और साथ ही मृतक के मोबाइल को भी कब्जे में लेकर सर्विलांस के जरिए जांच शुरू कर दी है।
हाथ-पैर बांधने के बाद, कई लोगों ने किया धारदार हथियारों से हमला
पोस्टमार्टम में मृतक के सिर, हाथ, पैर व अन्य हिस्सों में धारदार हथियारों के निशान हैं। निशान कुल्हाड़ी व बांका के होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अनुमान यह भी है कि हत्या में किसी अकेले ने नहीं की। हत्यारों की संख्या तीन से चार हो सकती है। आशंका है कि हत्यारों ने पन्नूलाल के हाथ-पैर बांधने के बाद उसपर धारदार हथियारों से हमला कर मौत के घाट उतार दिया गया।
किसी और ने तो नहीं निकाली खुन्नस
पन्नूलाल अपनी करीब तीन बीघा जमीन बेच चुका है और इस रकम को उसने शराब, ऐशोआराम और लइकुननिशा के लिए मकान बनवाने में खर्च किया। वह करीब दो बीघे जमीन और बेचने की बात कह रहा था। परिवार के लोग बाकी बची जमीन बेचने का विरोध कर रहे थे। पुलिस इस बिंदु के साथ ही अन्य बिदुओं पर जांच कर रही है।