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बोर्ड परीक्षा के पहले दिन व्यवस्थाएं धड़ाम

Fri, 20 Feb 2015 12:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
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उन्नाव/शुक्लागंज। बोर्ड परीक्षाओं के लिए व्यवस्थाओं को चाकचौबंद करने का दावे करने वाले शिक्षा विभाग की पोल पहले दिन ही खुल गई। गुरुवार से यूपी बोर्ड परीक्षाएं अफरातफरी के बीच शुरू हुईं। परिषदीय विद्यालयों के दो सौ से अधिक टीचर गैर हाजिर रहे और केंद्रों पर बाबुओं को बतौर कक्ष निरीक्षक तैनात किया गया।
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वाहन न मिलने से बीएसए भी विद्यालयों की चेकिंग करने नहीं जा सके। बाहरी विद्यालयों से टीचरों के न पहुंचने के कारण परीक्षार्थियों की चांदी रही। नकल पर नकेल कसने के लिए छात्रों के बेल्ट, जूते के साथ ही मोबाइल शिक्षकों ने जमा करा लिए। बताया गया कि सभी छात्रों को पहले से ही इस बारे में अवगत करा दिया गया था।

परीक्षा के प्रथम दिन हिंदी का सरल प्रश्नपत्र देख छात्रों के चेहरे खिल उठे। वहीं छात्रों को सबसे बड़ी राहत प्रशभनपत्र को पढ़ने के लिए अतिरिक्त 15 मिनट के समय ने दी। शुक्लागंज नगर के हाईस्कूल छात्र राजेश, विकास, स्नेहिल व नेहा और इंटर के छात्र राघव अवस्थी, रतीभान सिंह व अर्चना ने बताया कि पहल पेपर आसान आया।
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जिले के 150 परीक्षाकेंद्रों पर छात्र-छात्राओं की निगरानी करने के लिए विभाग की ओर से 4422 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई थी। इसमें 1079 कक्ष निरीक्षक परिषदीय विद्यालयों से लिए गए थे। समय रहते परिषदीय विद्यालयों के टीचरों को रिलीविंग आर्डर भी दे दिए गए थे उसके बाद भी दो सौ से अधिक टीचर परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंचे।

कक्ष निरीक्षकों के न पहुंचने से केंद्र व्यवस्थापकों ने कार्यालय के बाबुओं को लगाकर परीक्षा कराई। अचलगंज क्षेत्र के भुंभवार इंटर कॉलेज में सुबह पाली की परीक्षा में बेसिक के पंद्रह टीचरों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन यहां केवल तीन टीचर ही पहुंचे। इससे केंद्र व्यवस्थापक ने विद्यालय के बाबुओं को लगाकर परीक्षा संपन्न कराई।
 
शहर के मैचेलेस विद्या मंदिर में डीआईओएस कार्यालय से अठारह कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। परीक्षा दिलाने सिर्फ तीन कक्ष निरीक्षक ही पहुंचे। ऐसे में  प्रधानाचार्य ने अपने विद्यालय के स्टाफ को लगाकर परीक्षा संपन्न कराई।
बीएसए डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि अधीनस्थों को भेज दिया है। गाड़ी न होने के कारण मैं नहीं जा पाया हूं। दूसरी ओर डीआईओएस भी अपने बाबू से गाड़ियों के होने की जानकारी लेते रहे।
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