उन्नाव। प्रशासनिक अफसरों को एआरटीओ कार्यालय में छापेमारी के दौरान कोई भी दलाल नहीं मिला। पुलिस को देखकर भाग रहे एक संदिग्ध युवक को सीओ ने पकड़ा और अपने साथ ले आए। बाद में पूछताछ के दौरान उसे छोड़ दिया गया।
डीएम के निर्देश पर गुरुवार को एसडीएम सदर जसजीत कौर व सीओ गोपीनाथ सोनी दोपहर लगभग 1.30 बजे एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। पुलिस को देखकर कार्यालय में भगदड़ मच गई। सीओ ने एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह अपने भाई का लाइसेंस बनवाने के लिए आया था।
शक होने पर सीओ ने उसे अपनी गाड़ी में बैठा लिया। उसके बाद एसडीएम ने पूरे कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने खिड़की पर काम कर रहे कर्मचारियों से बातचीत की और कार्यालय की स्थिति की जानकारी ली। सूत्रों की माने तो कर्मचारियों को इसकी सूचना पहले से होने पर वहां से दलाल खिसक लिए थे। इस कारण कोई भी दलाल पुलिस के हाथ नहीं लगा।
इस कार्यालय में कर्मचारी ही कराते हैं दलाली
उन्नाव। एआरटीओ कार्यालय में कर्मचारी ही दलाली कराते हैं। यहां प्रत्येक बाबू के साथ एक प्राइवेट कर्मचारी काम करता है। उन प्राइवेट कर्मचारियों के दो-दो आदमी बाहर लगे रहते हैं।
वह दलाल बाहर ही आने वाले आवेदकों को जल्द काम कराने का झांसा देकर पैसे ऐंठ लेते हैं और अंदर बाबू के पास जाकर काम करा देते हैं। यदि वह आवेदक कार्यालय में बाबू के पास काम कराने पहुंच भी गया तो उसको इतने नियम कानून बता दिए जाते हैं कि उसको अंत में दलाल का सहारा ही लेना पड़ता है।
बोले जिम्मेदार
1- एसडीएम जसजीत कौर ने बताया कि हमें पहले इस कार्यालय की स्थिति के विषय में पूरी जानकारी नहीं थी। न्यूज पेपरों में ही पढ़ा था कि इस कार्यालय में अराजक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है साथ ही कभी-कभी फायरिंग भी होती है। इसलिए मुख्य उद्देश्य असलहा लगाए लोगों को पकड़ना था लेकिन कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं मिला है। कार्यालय की स्थिति को देख लिया गया है अब दोबारा जल्द ही यहां छापेमारी की जाएगी।
2- सीओ गोपीनाथ सोनी ने बताया कि एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया था लेकिन पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।